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UKSSSC का पेपर फिर हुआ लीक, यूकेएसएसएससी परीक्षा अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ी, छात्रों की बढ़ी परेशानियाँ

पुलिस के सुरक्षा तंत्र फिर भेद गया माफिया, पीएचक्यू की बैठक फेल
परीक्षा केंद्रों पर लगाये गए जैमरों को माफिया के मोबाइल भेद गए

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय लिखित परीक्षा के लिए सुरक्षा-व्यवस्था के जो दावे किए थे वह सभी दावे एक बार फिर से धड़ाम हो गए।

परीक्षा केंद्रों पर लगाये गए जैमरों को माफिया के मोवाइल भेद गए और प्रश्न पत्र के कुछ पन्ने आधे घंटे में ही सोशल मीडिया पर लहराने लगे। पुलिस से लेकर सरकार तक और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चवन आयोग के अध्यक्ष से लेकर परीक्षार्थियों के पैरों तले की जमीन निकल गई और प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में सोशल मीडिया के विशेषज्ञों ने सरकारी तंत्र की ऐसी धुनाई की कि किसी जवाब देते नहीं बन रहा है।

प्रदेश में रविवार को 13 जनपदों में 445 परीक्षा केंद्रों पर यूकेएसएसएससी की परीक्षा आयोजित कराई गई। राज्य आपदा से जूझ रहा है और चारों तरफ यातायात व्यवस्था ध्वस्त हैं। तमाम तरह की परेशानियों का सामना कर परीक्षा केंद्रों तक पंहुचे परीक्षार्थियों के सपने एक बार फिर से चूर-चूर हो गए। बेरोजगारी से जूझ रहे सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले हजारों-हजार परीक्षार्थी एक परीक्षा के लिए सालों साल तैयारी करते हैं और अगर उसका परिणाम जब इस तरह से सामने आता है तो उन पर क्या बीतती होगी इसका कोई आंकलन नहीं कर सकता है।

परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में घंटों जो कसरत की और उसक बाद पुख्ता तैयारियों का दावा करते हुए परीक्षा केंद्र पर परिन्दा भी पर नहीं मारने की जो डींगे हांकी वह सभी रविवार को कपिल शर्मा का कॉमेडी शो बनकर रह गया। पुलिस के सुरक्षा और निष्पक्षता के दावे उस समय खोखले साबित हो गए, जब परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर वाद प्रश्न पत्र आम जनता के बीच में पहुंच गया।

पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड डा. नीलेश आनन्द भरणें ने दावा किया था कि 21 सितम्बर 2025 को आयोजित होने वाली स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए सभी तैयारियां की गई हैं। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में एक नोडल अधिकारी के रूप में एक-एक राजपत्रित अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जिनको परीक्षा के पूर्व परीक्षा केन्द्रों का आयोग द्वारा नामित अधिकारी के साथ व्यक्तिगत भ्रमण करने के लिए निर्देशित किया गया है।

पर्यवेक्षण में लगातार परीक्षा केन्द्रों, होटलों, कोचिंग सेंन्टर, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता रखी जायेगी। सभी परीक्षा केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस वल को नियुक्त किया गया है। लेकिन रविवार को जब प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर आ गया तो पुलिस अधिकारियों से जवाब देते नहीं बना।

दरअसल पुलिस और एसटीएफ ने शनिवार को नकल माफिया हाकम सिंह और उसके साथी को गिरफ्तार करने के बाद चैन की बंशी बजाना आरंभ कर दिया था। पुलिस मुख्यालय में जो योजना बनाई गई थी अगर उसपर थोड़ा भी राज्य पुलिस के अधिकारी गौर करते तो सरकार को शायद मुंह की नहीं खानी पड़ती। तय किया गया था कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर के साथ ही किसी भी प्रकार के उपकरण या डिवाइस किसी के पास नहीं होंगे और भयमुक्त वातावरण में संयम के साथ परीक्षा संपन्न करायी जायेगी।

लेकिन जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, उसके ही देर बाद उत्तराखंड बेरोजगार संघ के पदाधिकारियों ने सामने आकर परीक्षा केंद्रों से प्रन पत्र बाहर आने के सबूत दे दिए तो पुलिस बेरोजगार संघ के अध्यक्ष के साथ ही उनके कार्यकर्ताओं को ही पकड़कर उनसे पूछताछ करने लगी कि उनके पास यह पेपर कहां से आया। इस प्रकरण के समय यह कहावत याद आती है कि किस लंका को आग लगांऊ, किस रावण का शीश उतारूं। घर-घर लंका, हर घर रावण, इतने राम कहां से लाऊं .

परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर सवाल

हरिद्वार। इस घटना ने आयोग की परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। भर्ती परीक्षा का पेपर आउट होने की चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया है। हरिद्वार जनपद में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कराई जाने वाली परीक्षा के 64 केंद्र बनाए गए थे। जनपद के औरंगाबाद सेंटर से पेपर लीक होने की चर्चा जोरों पर है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के आरोप में पुलिस ने उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष ववी कुमार पंवार को हिरासत में लिया है। सिडकुल थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि औरंगाबाद सेंटर से पेपर लीक मामले की जांच की जा रही है। सोशल मीडिया में जिस पोस्ट को औरंगाबाद का वताया जा रहा है यह आंच का विषय है। इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पेपर लीक मामले में एसटीएफ की ओर से पहले ही देहरादून में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।

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