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अतिक्रमणकारियों पर नगर निगम का एक्शन, वन भूमि पर बनेगा अब बच्चों का पार्क

भू-माफियाओं के कब्जे के प्रयासों को नाकाम कर नगर निगम व वन विभाग ने मिलकर लिया निर्णय

ऋषिकेश: नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र में बच्चों के लिए एक नया पार्क बनने जा रहा है। एम्स ऋषिकेश के पीछे शिवाजी नगर स्थित रंभा नदी किनारे करीब एक बीघा वन भूमि पर अस्थायी पार्क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। नगर निगम ने इस भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाकर पार्क के लिए नींव तैयार कर दी है। जल्द ही यहां बच्चों के लिए झूले और अन्य मनोरंजन के साधन लगाए जाएंगे।

भू-माफियाओं के कब्जे की कोशिश नाकाम

यह भूमि लंबे समय से भू-माफियाओं की नजर में थी। बताया गया कि कुछ दिन पहले भू-माफियाओं ने यहां बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जा करने का प्रयास भी किया था। लेकिन जैसे ही सूचना वन विभाग को मिली, उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और भूमि को कब्जामुक्त कराया।

बाद में दोबारा कब्जे की संभावना को देखते हुए वन विभाग और नगर निगम ने आपसी तालमेल से इस भूमि को पार्क में बदलने का निर्णय लिया। इससे न केवल अतिक्रमण रोका जा सकेगा, बल्कि स्थानीय बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान भी मिलेगा।

पार्क निर्माण का शुभारंभ

नगर निगम के नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल के साथ स्थानीय पार्षद लव कंबोज, पार्षद अभिनव मलिक और पार्षद सुरेंद्र सिंह ने नारियल फोड़कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की।

नगर आयुक्त बिनवाल ने बताया,

> “यह भूमि वन विभाग की है लेकिन नगर निगम क्षेत्र में आती है। भूमि पर दोबारा कब्जा न हो, इसलिए यहां अस्थायी पार्क बनाया जा रहा है। विभाग ने पार्क निर्माण के लिए नगर निगम को एनओसी भी प्रदान कर दी है।”

उन्होंने कहा कि पार्क में बच्चों के खेलने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और साथ ही स्थानीय लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी कर सकेंगे।

शिकायत पर कार्रवाई के बाद बना समाधान

कुछ समय पहले जब इस भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा था, तब स्थानीय लोगों की शिकायत पर वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया था। इसके बावजूद कब्जाधारी बाज नहीं आए। अंततः नगर निगम और वन विभाग ने अतिक्रमण की समस्या का स्थायी हल निकालते हुए भूमि को पार्क में विकसित करने का निर्णय लिया।

पौराणिक रंभा नदी की कहानी से जुड़ा है यह स्थान

यह पार्क जिस रंभा नदी के किनारे बन रहा है, उसका उल्लेख स्कंद पुराण के केदारखंड में मिलता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, रंभा इंद्रलोक की एक सुंदर अप्सरा थीं। सतयुग काल में जब ऋषि सुखदेव भगवान शिव की तपस्या कर रहे थे, तब इंद्र ने उनकी तपस्या भंग करने के लिए रंभा को भेजा।

ऋषि ने क्रोधित होकर रंभा को श्राप दिया कि वह एक काली, बदसूरत नदी के रूप में जानी जाएगी। रंभा के विनम्र निवेदन पर ऋषि ने वरदान दिया कि यद्यपि वह गंदी नदी बनेगी, लेकिन अंत में गंगा में मिलकर उसे मोक्ष प्राप्त होगा। तभी से यह नदी ‘रंभा नदी’ के नाम से जानी जाती है।

शिवाजी नगर क्षेत्र में पार्क निर्माण की खबर से स्थानीय निवासियों और बच्चों में उत्साह है। लोगों का मानना है कि इससे न केवल क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि अवैध कब्जों पर भी अंकुश लगेगा। यह पार्क आने वाले समय में स्थानीय सामुदायिक जीवन का केंद्र बन सकता है।

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