ऋषिकेश: उत्तराखंड पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के सीतामढ़ी जिले में लूट और हत्या के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी मोहम्मद नसीम अख्तर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को ऋषिकेश के नटराज फ्लाईओवर क्षेत्र से दबोचा गया। उसके पास से एक अवैध 12 बोर का देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, पहचान पत्र और नकदी बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, बिहार पुलिस ने देहरादून पुलिस को सूचना दी थी कि फरार चल रहा मोहम्मद नसीम अख्तर अपने भाई वसीम से मिलने ऋषिकेश पहुंचा है। वसीम कुछ समय पहले ऋषिकेश में हुई फायरिंग की घटना में गिरफ्तार किया जा चुका है।
सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून के निर्देश पर ऋषिकेश पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने पूरे क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। मुखबिर और सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नटराज फ्लाईओवर के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद उसके खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ में नसीम अख्तर ने स्वीकार किया कि उसने अपने भाई वसीम और अन्य साथियों के साथ मिलकर बिहार के सीतामढ़ी में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के दौरान पीड़ित को गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी। इसी मामले में बिहार पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
आरोपी ने बताया कि वह बिहार पुलिस से बचने और अपने भाई से मिलने ऋषिकेश आया था। उसे पुलिस की गतिविधियों की जानकारी मिल गई थी और वह ट्रेन से फरार होने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने यह भी कबूल किया कि बरामद तमंचा वह बिहार से अपने साथ लेकर आया था।
