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ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा बने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल, रक्षामंत्री ने दी मानद रैंक

Neeraj Chopra Lieutenant Colonel: ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बन गए हैं.

नई दिल्ली/चंडीगढ़: भारतीय भाला फेंक के स्टार और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्रदान की गई। यह सम्मान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में दिया गया। इससे पहले नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात थे।

नीरज चोपड़ा भारत के उन चुनिंदा एथलीटों में से हैं, जिन्होंने देश को ओलंपिक में एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। उनके शानदार प्रदर्शन और अनुशासन के कारण उन्हें न केवल खेल जगत में बल्कि आम जनता में भी अपार लोकप्रियता मिली है। नीरज का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा गांव में हुआ था। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जहां उनके पिता सतीश कुमार किसान हैं और माता सरोज देवी गृहिणी।

#WATCH | Delhi | Olympic medallist javelin thrower Neeraj Chopra conferred the honorary rank of Lieutenant Colonel in the Indian Army, in the presence of Defence Minister Rajnath Singh and COAS General Upendra Dwivedi pic.twitter.com/bjLwuvoSLj

— ANI (@ANI) October 22, 2025

 

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष

बचपन में नीरज का वजन सामान्य से अधिक था, जिसकी वजह से उन्हें अक्सर दोस्तों से ताने सुनने पड़ते थे। अपने वजन को नियंत्रित करने और फिट रहने के लिए नीरज ने पानीपत खेल स्टेडियम में दौड़ना शुरू किया। वहीं उन्होंने कुछ खिलाड़ियों को भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) की प्रैक्टिस करते देखा और इसी समय उनका भाला फेंक में रूझान बढ़ा। इसके बाद नीरज ने जेवलिन को थामा और लगातार मेहनत करते हुए अपनी क्षमता को निखारा।

खेल करियर की शुरुआत

नीरज ने मात्र 11 साल की उम्र में भाला फेंकना शुरू किया। उनके कोच जयवीर चौधरी की देखरेख में उन्होंने तकनीक और ताकत दोनों पर काम किया। 2016 में, नीरज ने पोलैंड में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने नाम का परचम लहराया। इसके बाद उनके खेल करियर में लगातार सफलता की कहानी रही।

ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ

नीरज चोपड़ा ने 2021 टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एथलेटिक्स में पहला गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपने देश का नाम रोशन किया। उनके अनुशासन, मेहनत और लगन ने उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया है।

सेना में योगदान और सम्मान

नीरज चोपड़ा भारतीय सेना के सूबेदार रहे और खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक प्रदान की गई। इस अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्हें सम्मानित किया।

नीरज चोपड़ा की प्रमुख उपलब्धियां
  • टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक, 87.58 मीटर भाला फेंक कर रचा इतिहास
  • एशियाई खेल 2018 (जकार्ता): स्वर्ण पदक
  • 88.06 मीटर की दूरी पर भाला फेंका
  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: स्वर्ण पदक
  • वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022: रजत पदक
  • वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 (बुडापेस्ट): स्वर्ण पदक, नीरज चोपड़ा वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी बने.
  • डायमंड लीग 2022: फाइनल जीतने पहले भारतीय
सम्मान और पुरस्कार
  • साल 2018 में अर्जुन अवार्ड
  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (2021)
  • पद्म श्री (2022)

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