पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन उत्तराखंड के वार्षिक सम्मेलन में बोले सीएम धामी
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के लिए पैरामिलिट्री का योगदान अमूल्य है। सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी के जवान अपनी वीरता, शौर्य और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। पैरामिलिट्री जवानों के बलिदान होने पर सरकार उनके परिवार को दस लाख की जगह 50 लाख की मदद करेगी।
सीएम बुधवार को समूह केंद्र सीआरपीएफ काठगोदाम के परिसर में पूर्व केंद्र सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन उत्तराखंड के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्रदेश के बलिदानी की स्मृति में सरकार स्मारक बनवा रही है। इस माह दस वीर बलिदानियों की स्मृति में स्मारक की स्वीकृति दी जा चुकी है। केंद्र की भाजपा सरकार सैन्य कर्मियों का हित सोचती है। पहले देश रक्षा सामग्री का आयात करता था, आज निर्यात कर रहा है। 30 हजार करोड़ रुपये की रक्षा सामग्री निर्यात की जा चुकी है। जल्द ही यह 50 हजार करोड़ होने जा रहा है। जवानों के बलिदान का ऋण न कोई चुका सकता है न ही इनका बीता समय लौटाया जा सकता है। वहां महापौर गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व डीजी एचआर सिंह, नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन एमएल वर्मा, सेक्टर आईजी भानुप्रताप सिंह, डीआईजी शंकर पांडे, पूर्व डीसी व प्रदेश उपाध्यक्ष मनोहर सिंह नेगी, उत्तराखंड के अध्यक्ष एसएस कौटियाल, पूर्व डीसी डीएस बोहरा आदि थे।
पिता को याद कर हुए भावुक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी पिता को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बचपन में वह पिता के साथ सेना के बड़े खाने में जाते थे। यहीं से अनुभव, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा की नई मिसाल कायम होती है। कहा कि बलिदानी सैनिकों के लिए उनके हृदय में गहरी संवेदनशीलता और समर्पण का भाव है। इस दौरान पूर्व अर्द्ध सैनिकों ने मांग रखी कि सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम सीजीएचएस की अनुमति है लेकिन जमीन नहीं मिल रही है। इस पर सीएम ने जिला प्रशासन को जल्द जमीन ढूंढने के लिए कहा।
