थराली: सुनला क्षेत्र में स्थापित अभ्युदय स्टोन क्रेशर के संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताओं और पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। ग्राम प्रधान सुनला भगवती प्रसाद जोशी ने क्रेशर संचालक पर एनजीटी नियमों की अनदेखी, खनिज अधिनियम 1957, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 तथा अन्य प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
ग्राम प्रधान द्वारा उपजिलाधिकारी थराली को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि क्रेशर संचालन के दौरान दूषित पानी सीधे पिंडर नदी में छोड़ा जा रहा है, साथ ही भारी मात्रा में धूल उत्सर्जन से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आरोप है कि ग्रामसभा की अनापत्ति (NOC) सहित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग 10 वर्षों से संचालित इस क्रेशर से स्थानीय भूमि स्वामियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, जिससे पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन का दावा किया गया है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के चलते एक युवक की मृत्यु होने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्राम प्रधान ने यह भी कहा है कि नदी तट पर प्राकृतिक सुरक्षा अवरोधों का अवैध खनन किया गया है, जिससे क्षेत्र बाढ़ और आपदा के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है।
इस पूरे मामले की संयुक्त स्थलीय जांच श्रम विभाग, खनन विभाग और पर्यावरण विभाग से कराने की मांग की गई है। मामले पर कार्रवाई करते हुए उपजिलाधिकारी थराली यशवीर सिंह रावत ने जिला खनन अधिकारी को जांच के लिए पत्र भेज दिया है।
