उच्चतम न्यायालय ने कहा-लाखों यात्री विभिन्न हवाईअड्डों पर हैं फंसे हुए
कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा होगा
हालांकि केंद्र सरकार ने समय पर कार्रवाई की है और इसपर संज्ञान लिया है.
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने इंडिगो एयरलाइंस की ओर से बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द किये जाने और देरी के कारण देश भर में उत्पन्न यात्री संकट पर सोमवार को चिंता व्यक्त की, लेकिन इसमें तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लाखों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं और इस व्यवधान के कारण कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा होगा।
न्यायालय ने यह देखते हुए तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया कि केंद्र सरकार ने पहले ही इस संकट का संज्ञान ले लिया है और वह इस पर कार्रवाई कर रही है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, यह एक गंभीर मामला है। लाखों लोग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और अन्य कठिनाइयां हो सकती है। लेकिन केंद्र सरकार ने समय पर कार्रवाई की है और इस मुद्दे का संज्ञान लिया है। इस मामले को लेकर शीघ्र सुनवाई के लिए दायर याचिका में दावा किया गया कि एयरलाइन में परिचालन संसाधनों की कमी, विशेष रूप से गंभीर पायलट संकट और नए ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन’ (एफडीटीएल) मानदंडों को लागू करने में कठिनाइयों के कारण, यात्रियों को पर्याप्त सूचना दिए बिना बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द की जा रही हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने अपनी दलील में कहा कि ग्राहकों को सूचित नहीं किया जा रहा है, और साथ ही यह भी जोड़ा कि इंडिगो में रिक्तियों और आंतरिक कुप्रबंधन ने संकट को और बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि देश के विमानन बाजार में लगभग 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो, पायलटों की कमी से बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयरलाइन को कुछ छूट दी है, लेकिन प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द होना जारी है, जिससे मुसाफिरों को खासी परेशानी हो रही है। इसके अलावा रिफंड और यात्री सहायता की मांग वाली एक संबंधित याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में भी दायर की गई है।
इंडिगो के खिलाफ जांच जारीः नायडू
नई दिल्ली: राज्यसभा में सोमवार को नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार ने इंडिगो की बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द किए जाने के संबंध में जांच शुरू कर दी है और एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अन्य एयरलाइनों के लिए उदाहरण पेश किया जा सके। उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए नायडू ने इंडिगो एयरलाइंस को उसके दिन-प्रतिदिन के संचालन के दौरान चालक दल और ड्यूटी रोस्टर को प्रबंधित करने में विफल करार दिया।
इंडिगो की 500 उड़ानें रहीं रद्द
9,55,591 पीएनआर रद्द किये गये और 827 करोड़ रिफंड किये
नई दिल्ली : परिचालन संकट से जूझ रही घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने सोमवार को 500 उड़ानें रद्द कर दी हैं और 1,802 उड़ानों का संचालन करेगी। नागर विमानन मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एयरलाइन ने यात्रियों के कुल 9,000 बैग में 4,500 बैग उन्हें वापस कर दिए हैं और बाकी बैग भी अगले 36 घंटों में यात्रियों को सौंप दिए जाएंगे। मंत्रालय ने कहा, ‘आज इंडिगो 138 में 137 गंतव्यों के लिए 1,802 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। उसकी 500 उड़ानें रद्द हुई हैं। साथ ही 9,000 बैग में 4,500 बैग ग्राहकों को सौंप दिए गए। एयरलाइन ने अगले 36 घंटों में बाकी बैग भी लक्ष्य तय किया है।’ मंत्रालय ने यह भी बताया कि एक से सात दिसंबर की अवधि के लिए बुक किए गए 5,86,705 टिकटों के पीएनआर रद्द किए गए और उनका पैसा लौटा दिया गया।
