त्रिपुरा छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में राहुल गांधी का भी बड़ा बयान आया है. उन्होंने इस मामले पर बीजेपी को घेरा है.
देहरादून: राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को “नफरत से उपजा अपराध” बताते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह बेहद भयावह है। उन्होंने लिखा कि नफरत रातों-रात पैदा नहीं होती, बल्कि इसे वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं को जहरीले कंटेंट और गैर-जिम्मेदार कथाओं के जरिये प्रभावित किया जा रहा है, जबकि भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेता इस सोच को सामान्य बनाने का काम कर रहे हैं।
भारत सम्मान और एकता पर बना है, डर और गाली-गलौज पर नहीं. हम प्यार और विविधता का देश हैं. हमें एक ऐसा मरा हुआ समाज नहीं बनना चाहिए, जो अपने साथी भारतीयों को निशाना बनते हुए देखे और चुप रहे. हमें सोचना चाहिए और सामना करना चाहिए कि हम अपने देश को क्या बनने दे रहे हैं? मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार, त्रिपुरा और नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ हैं. हमें आपको अपना साथी भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है.
-राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा-
क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय एंजेल चकमा देहरादून के एक निजी संस्थान से एमबीए की पढ़ाई कर रहा था और फाइनल ईयर का छात्र था। उसका छोटा भाई भी देहरादून में पढ़ाई करता है और दोनों साथ रहते थे।

बताया गया है कि 9 दिसंबर को दोनों भाई सेलाकुई बाजार में खरीदारी के लिए गए थे, जहां कुछ युवकों ने उनके साथ गाली-गलौच की। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान एंजेल चकमा पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
एंजेल को इलाज के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब दो सप्ताह तक इलाज चलने के बाद 26 दिसंबर की सुबह उसकी मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई एंजेल चकमा के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। अब तक इस केस में दो नाबालिगों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी नेपाल फरार हो गया है। उसकी तलाश के लिए देहरादून पुलिस की एक टीम नेपाल भेजी गई है।
परिवार और प्रशासन एंजेल चकमा के पिता सीमा सुरक्षा बल (BSF) में कार्यरत हैं। 27 दिसंबर को त्रिपुरा में एंजेल का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
