उत्तरकाशी: सीमांत विकासखंड मोरी के सट्टा गांव में सोमवार देर शाम हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। आग की इस भयावह घटना में 67 वर्षीय बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो आवासीय भवन पूरी तरह जलकर राख हो गए।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी के अनुसार तहसील मोरी अंतर्गत ग्राम सट्टा में दो आवासीय भवनों में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और राजस्व विभाग की टीमें मौके के लिए रवाना की गईं। हालांकि, दुर्गम क्षेत्र और संचार सुविधा के अभाव के चलते राहत एवं बचाव दल समय पर गांव तक नहीं पहुंच सका।

ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन के पहुंचने से पहले ही दो मकान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। इस दौरान गांव निवासी आशमु (67 वर्ष) की आग की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान और ब्लॉक प्रमुख रंदीप राणा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।
गांवों में लकड़ी के बने होते हैं मकान: बता दें कि मोरी ब्लॉक में लकड़ी से बने हुए मकान होते हैं. जिसके चलते आग की घटनाएं ज्यादा सामने आती है. इससे पहले भी कई मकान जल चुके हैं. जिसके चलते कई परिवारों को बेघर होना पड़ा है. हालांकि, सट्टा गांव में हुई अग्निकांड की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है.

“सट्टा गांव में देर शाम को दो आवासीय भवन जलकर राख हो गए हैं. घटना में एक भवन पूरी तरह जलकर राख हुआ है. दूसरे भवन में आग लगे होने की सूचना है. इसमें एक व्यक्ति की लापता होने की सूचना है. टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ही अन्य मानव व जनहानि की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.“- सरदार सिंह चौहान, तहसीलदार
