कहा-अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच कराने से भाग रही है भाजपा सरकार : गणेश गोदियाल
गोदियाल ने अंकिता हत्याकांड में शामिल वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की
देहरादून: प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि सरकार का नेतृत्व बदले बिना अंकिता हत्याकांड की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, क्योंकि सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा हत्याकांड के सबूत नष्ट किये गये और इसकी सच्चाई सत्तापक्ष के सबूत नष्ट करने वाले लोग ही जानते हैं। इसके बावजूद उन्हें जांच के घेरे में न लाने वाली स्थिति पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में गोदियाव ने कहा कि मुख्यमंत्री अंकिता भंडारी हत्याकांड में नए तथ्यों के खुलासे पर सवालों पर काफी असहज नजर आए और मीडिया से ही उल्टा सवाल करने लगे यह उनकी नियति को दर्शा रहा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस पार्टी के सवाल आज भी अनुत्तरित हैं और भाजपा सरकार के मुखिया, भाजपा के पदाधिकारी पत्रकार वार्ता आयोजित कर केवल जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। आज सबकी यही माँग है कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग या सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में सीबीआई जाँच हो। मुख्यमंत्री ने अब तक अंकिता के परिवार को दिए हुए आश्वासन तक पूरे नहीं किये यह उनकी जिम्मेदारी है कोई एहसान नहीं है।
गोदियाल ने कहा कि जिस दिन अंकिता भंडारी की हत्या हुई उससे दो दिन पहले रिसोर्ट मालिक के द्वारा पटवारी चौकी में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया और अंकिता के पिता पर चौकी में भी दबाव बनाने की कोशिश की गई कि वे इस बात को मान जायें कि उनकी बेटी भाग गई है, पर उन्होंने ऐसा नहीं माना फिर पटवारी आया उन पर किसी पेपर पर हस्ताक्षर कराने पर ये कोशिश परवान नहीं चढ़ पायी पर उसका शव बरामद हुआ और मीडिया ने अंकिता और उसके मित्र ने उसके और अंकिता के बीच के संदेशों के आदान प्रदान को सार्वजनिक किया तब लोकल मीडिया ने यह बात उठाई।
उन्होंने कहा की मैं पूछना चाहता हूँ सरकार से कि क्या सरकार की एसआईटी ने यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट से पूछताछ की क्या उनसे यह पूछा कि किसके बोलने पर उन्होंने रिसोर्ट को तुड़वा दिया और तो और अंकिता के कमरे की हर चीज को जला दिया और कोई सबूत बच ना जाये तो राख तक तो पानी में डलवा दिया। उसके बाद सबने इसका श्रेय लेना शुरू कर दिया पर सच तो यह है की ये सब प्रायोजित घटनाक्रम था जो सिर्फ वीआईपी को बचाने के लिए रचा गया था।
पौड़ी पुलिस से लेकर तत्कालीन डीजीपी तक ने ट्वीट करके ये बताया कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार रिसोर्ट को तुड़वा दिया गया है, यह एक षड्यंत्र था जो सरकार ने रचा था। भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की अंकिता भंडारी के शयन कक्ष को ध्वस्त करने में जो भूमिका थी, क्या जांच एसआईटी ने इसका संज्ञान लिया। आज जो नए तथ्य सामने आए हैं उन तथ्यों के मद्देनजर सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है।
गणेश गोदियाल ने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था से उन अनुत्तरित सवालों का जवाब मांगा जो उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था से 10 दिन पूर्व पूछे थे कि अंकिता भंडारी का पार्थिव शरीर नहर से निकालने की अगली रात को वनन्तरा रिसर्ट पर बुलडोजर किसके आदेश पर चलवाया गया। कहा जा रह है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच इसलिए संभव नहीं है कि न्यायालय द्वारा इसे अमान्य कर दिया गया है। पर सभी पक्षकारों द्वारा सीबीआई जांच की मांग के बाद सरकार द्वारा इसका विरोध क्यों किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक मनोज रावत, निवर्तमान मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, प्रवक्ता
कांग्रेस को हाथ से मुद्दा छिनने की दिक्कत : महेंद्र

देहरादून: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मे पार्टी नेताओं को बदनाम करने की साजिशों का पर्दाफाश हो रहा है और इसके पीछे कौन लोग है जल्दी ही उनका भी खुलासा होगा। कांग्रेस हाथ से झूठे मुद्दे को आधार बनाकर छिनता देखकर परेशान है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा नेताओं पर आरोप लगा रही महिला के एक वीडियो मे वार्तालाप के दौरान इस बात की पुष्टि हुई है कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी सहित अन्य नेताओं पर लांछन लगाने के लिए सुनियोजित तरीके से दबाव के तहत षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने कहा कि मामले में सवाल उठाने वाली कांग्रेस ही अब सवालों के कटघरे में है।
भट्ट ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी पहले ही साफ कर चुके हैं कि मामले मे अंकिता के परिजनों से वार्ता कर आरोपों का विधिक परीक्षण के बाद आगे हर जांच की कार्यवाही को अमल मे लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी जांच कर रही है और सभी पक्षों से पूछताछ चल रही है। कांग्रेस को परेशान होने की जरूरत नही है। अंकिता बेटी के माता-पिता को बुलाया गया है और जो वह कहेंगे विधि अनुसार परीक्षण कर के वही भी हम करेंगे। कांग्रेस मुद्दाविहीन होने पर बौखला गयी है।
भट्ट ने कहा कि जनता को भाजपा पर भरोसा है और कांग्रेस दुष्प्रचार को हवा देकर गलतफहमी में है। दुष्प्रचार से कोई लड़ाई फतह नहीं की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रेस वार्ता कर बड़े नेताओं को टारगेट कर कांग्रेस राजनैतिक रोटियां सेकने की जुगत मे लगी रही, लेकिन अंकिता को न्याय दिलाने से उसका कोई वास्ता नहीं है। जनता कांग्रेस की अवसरवादी राजनीति को भली भाँति जानती है और उसे इसका जवाब देगे।
भाजपा नेताओं को बदनाम करने की खुल रही परतें : भट्ट
भाजपा प्रदेश प्रभारी की याचिका पर आए निर्णय का किया स्वागत
आरोप लगाने वालों से पूछताछ से दूध और पानी अलग हो जाएगा
भाजपा ने दिल्ली हाईकोर्ट से भाजपा प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम की याचिका को लेकर आए आदेश का स्वागत किया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उम्मीद जताई कि अब सोशल मीडिया पर किए जा रहे अनर्गल, अभद्र, छवि खराब करने वाले दुष्प्रचार पर लगाम लगेगी। वहीं मुख्यमंत्री धामी द्वारा परिवार से बातचीत कर निर्णय और आरोप लगाने वाले पात्रों के सामने आने से सच आने का भरोसा दिलाया है। पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए भट्ट ने कहा कि जिस तरह से अपुष्ट आडियो-वीडियो के आधार पर लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्ष द्वारा उनकी छवि खराब की जा रही थी वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। अब उम्मीद है कि न्यायालय के दखल पर उनके खिलाफ जारी अनैतिक एवं शर्मनाक मुहिम पर लगाम लगेगी। कांग्रेस और विपक्ष के लिए हमेशा से यह राजनैतिक मुद्दा रहा है और इसलिए शुरुआत से ही इस पूरे मुद्दे पर वह अलग नाम पर भ्रम फैलाकर दिवंगत बेटी को अपमानित कर रहे हैं। हैरानी है कि अब उन्हें पीड़ित परिवार से बातचीत पर भी दिक्कत है। आरोप लगाने वाले पात्रों के जांच एजेंसी से मिलकर तथ्य रखने के सवालों पर उम्मीद जताई कि अब शीघ्र इस पूरे ताजा प्रकरण में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। क्योंकि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यदि कोई भी ठोस साक्ष्य सामने आया तो बड़ी से बड़ी जांच कराने को सरकार तैयार है। लिहाजा वर्तमान जारी जांच पूरी होने तक सभी अतार्किक, अनर्गल और झूठी बहस पर विराम लगाना चाहिए।
प्रतिमा सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी उपस्थित थे।
