41 की उम्र में रॉस टेलर की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी, अब समोआ के लिए खेलेंगे
नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में अक्सर अप्रत्याशित घटनाएँ होती रहती हैं। कभी कोई युवा खिलाड़ी अचानक चमक उठता है तो कभी अनुभवी खिलाड़ी चौंका देने वाला निर्णय ले लेते हैं। इसी कड़ी में न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज रॉस टेलर ने एक बार फिर से सुर्खियाँ बटोरी हैं। उन्होंने 41 साल की उम्र में संन्यास से लौटकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस बार वे अपने जन्मस्थान न्यूजीलैंड के लिए नहीं, बल्कि अपनी मां की मातृभूमि समोआ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
संन्यास से वापसी का बड़ा फैसला

रॉस टेलर ने दिसंबर 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच खेला, जबकि उसी वर्ष अप्रैल में उन्होंने अंतिम टी20 मैच खेला। उसके बाद से ही वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे। लेकिन अब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वे समोआ की जर्सी पहनकर मैदान पर लौटेंगे।
अपने संदेश में टेलर ने लिखा— “यह आधिकारिक है। मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि मैं समोआ का प्रतिनिधित्व करूंगा। यह सिर्फ क्रिकेट में वापसी नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कृति, गांव और परिवार का सम्मान करने का अवसर है। मैं बेहद उत्साहित हूँ कि अब मैं खेल को कुछ लौटाने, टीम से जुड़ने और मैदान के भीतर व बाहर अपना अनुभव साझा करने का मौका पा रहा हूँ।”
समोआ के लिए नई उम्मीद
समोआ ने हाल ही में टी20 विश्व कप 2026 क्वालिफायर के सब-रीजनल चरण में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने वानुआतु, कुक आइलैंड्स और फिजी जैसी टीमों को हराकर अगले दौर में जगह बनाई। अब ओमान में होने वाले नौ टीमों के टूर्नामेंट में समोआ हिस्सा लेगा। ऐसे में टेलर का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
टेलर का शानदार करियर
रॉस टेलर न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में कई रिकॉर्ड बनाए:
टेस्ट: 112 मैचों में 7684 रन, 19 शतक और 35 अर्धशतक।
वनडे: 236 मैचों में 8602 रन, 21 शतक और 51 अर्धशतक।
टी20: 102 मैचों में 1909 रन और 7 अर्धशतक।
कुल मिलाकर, टेलर के नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 40 शतक दर्ज हैं। उनकी गिनती दुनिया के भरोसेमंद बल्लेबाजों में होती है।
क्रिकेट जगत में हलचल
टेलर की वापसी की खबर ने फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंका दिया है। आम तौर पर खिलाड़ी 40 की उम्र पार करने के बाद संन्यास की ओर बढ़ते हैं, लेकिन टेलर ने उल्टा रास्ता चुना है। उनका यह फैसला न केवल समोआ क्रिकेट के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जुनून और लगन से कोई भी खिलाड़ी किसी भी उम्र में वापसी कर सकता है।
