कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का संकल्प पत्र जारी किया। उन्होंने इसे “विकसित बंगाल” का रोडमैप बताते हुए राज्य में बड़े बदलाव का भरोसा दिलाया।
शाह ने कहा कि बंगाल की जनता परिवर्तन चाहती है और यदि भाजपा को सत्ता में आने का मौका मिला, तो राज्य में 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य को सुरक्षित बनाया जाएगा।
संकल्प पत्र की मुख्य घोषणाएं
भाजपा के घोषणापत्र में विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे किए गए हैं:
महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता
स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए विशेष पैकेज
नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा
हर जिले में महिला शिक्षा को बढ़ाने के लिए कॉलेज खोलने की योजना
मछली पालन और कृषि प्रोसेसिंग यूनिट के लिए विशेष सहायता
नए अस्पतालों का निर्माण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना
“सोनार बांग्ला” का विजन
शाह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य “सोनार बांग्ला” (स्वर्णिम बंगाल) का निर्माण करना है, जहां विकास, सुरक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने मौजूदा शासन पर निशाना साधते हुए बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए।
जनभागीदारी से तैयार हुआ घोषणापत्र
भाजपा ने इस संकल्प पत्र को तैयार करने के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया। “बिकोसितो पश्चिम बंग संकल्प पत्र – परामर्श संग्रह अभियान” के तहत:
8 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त किए गए
नागरिकों से ऑनलाइन, फोन और जमीनी स्तर पर राय ली गई
“आकांक्षा संग्रह बॉक्स” के जरिए लोगों की प्रतिक्रियाएं जुटाई गईं
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह घोषणापत्र सिर्फ एक राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता के सपनों और उम्मीदों का प्रतिबिंब है।
विकास और पारदर्शिता पर फोकस
भाजपा ने अपने विजन में रोजगार सृजन, पारदर्शी शासन और प्रवासी श्रमिकों की वापसी को प्रमुख मुद्दा बताया है। पार्टी का दावा है कि यह संकल्प पत्र हर वर्ग—किसान, युवा, महिलाएं और उद्यमियों—की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
