खेल के मैदान पर दिखा ऑपरेशन सिंदूर का रंग
दुबई/नई दिल्ली: क्रिकेट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक, एशिया कप 2025 का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से शिकस्त देकर एशिया कप का 17वां संस्करण अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत 9वीं बार एशिया कप चैंपियन बना और पूरे देश में जश्न का माहौल छा गया।
फाइनल से पहले ही इस टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को दो बार हराया था और तीसरी बार की जीत ने टीम इंडिया की ताकत को साबित कर दिया। चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर मिली इस जीत ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया बल्कि देशभर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को गर्व का अहसास कराया।

पीएम मोदी ने टीम इंडिया को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए पाकिस्तान पर सीधा वार किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा – “खेल के मैदान पर ऑपरेशन सिंदूर। नतीजा वही, भारत जीत गया। हमारे क्रिकेटरों को हार्दिक बधाई।” पीएम मोदी की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और प्रशंसकों ने भी इसे हाथों-हाथ लिया।
यूपी के सीएम योगी ने दी बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय टीम की जीत को राष्ट्र की जीत करार देते हुए कहा – “चाहे कोई भी स्थान हो, जीत हमेशा भारत की ही होती है। भारतीय क्रिकेट टीम के हर खिलाड़ी को हार्दिक बधाई। जय हिंद।”
गृह मंत्री अमित शाह ने दी भारतीय टीम को बधाई
गृह मंत्री अमित शाह ने भी टीम इंडिया को जीत की बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों की ऊर्जा और आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए कहा – “एक अभूतपूर्व जीत। हमारे खिलाड़ियों की अपार ऊर्जा ने एक बार फिर विरोधियों को परास्त कर दिया है। भारत जीतेगा, चाहे कोई भी स्थान हो।”
नया भारत यह कर सकता है: जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस ऐतिहासिक पल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा – “टीम इंडिया को एशिया कप जीतने के लिए बधाई। नया भारत यह कर सकता है।”
भारत की इस जीत के बाद देशभर में जश्न का माहौल देखने को मिला। सड़कों पर आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और जयकारों की गूंज ने क्रिकेट प्रेमियों को दीवाना बना दिया। सोशल मीडिया पर टीम इंडिया और कप्तान की जमकर सराहना हो रही है।

एशिया कप का यह फाइनल केवल क्रिकेट का मुकाबला नहीं था, बल्कि राजनीतिक और भावनात्मक पृष्ठभूमि में भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक भी था। तमाम आलोचनाओं और बहिष्कार की मांगों के बावजूद भारत ने न केवल पाकिस्तान का सामना किया बल्कि तीनों बार उसे हराकर यह दिखा दिया कि नया भारत किसी भी मैदान पर पीछे नहीं हटता। यह जीत केवल क्रिकेट प्रेमियों की जीत नहीं, बल्कि पूरे देश के आत्मविश्वास और एकजुटता की जीत कही जा रही है।

