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इंदौर ने रचा इतिहास: लगातार आठवीं बार बना भारत का सबसे स्वच्छ शहर, वाराणसी की सफाई की मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली/इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में इंदौर को लगातार आठवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। गुरुवार को दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर आयुक्त शुभम वर्मा की उपस्थिति में इंदौर को यह प्रतिष्ठित खिताब सौंपा।

इस वर्ष सर्वेक्षण में ‘सुपर स्वच्छ लीग’ की नई श्रेणी जोड़ी गई थी, जिसमें 85% से अधिक अंक लाने वाले शहरों के बीच मुकाबला हुआ। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर ने अहमदाबाद, लखनऊ जैसे बड़े शहरों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर गुजरात का सूरत और तीसरे पर नवी मुंबई रहा।

इंदौर की जीत पर शहर में जश्न का माहौल:

पुरस्कार समारोह का सीधा प्रसारण इंदौर नगर निगम और राजवाड़ा में लगाए गए विशाल स्क्रीन पर दिखाया गया। जैसे ही इंदौर को पहले स्थान पर घोषित किया गया, लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। आतिशबाजी, मिठाइयों का वितरण और नाच-गाने का दौर देर तक चलता रहा।

अब इंदौर की जिम्मेदारी वाराणसी:

शहरी विकास मंत्रालय ने इंदौर की स्वच्छता सफलता को देखते हुए अब उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों को बधाई देते हुए सफाई मित्रों का अभिनंदन करने की अपील की है।

स्वच्छता का इंदौर मॉडल:

इंदौर की सफलता के पीछे कई अभिनव पहलें हैं:

100% कचरा सेग्रीगेशन, वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल

स्मार्ट और टिकाऊ वित्तीय योजनाएं, पीपीपी मोड पर संचालन

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स द्वारा नदियों की सफाई

6 जीरो वेस्ट वार्ड और एशिया का सबसे बड़ा बायो मिथेनाइजेशन प्लांट

हर सुबह स्वच्छता गीत के साथ शुरू होती है सफाई

85 वार्डों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा किया जाता है.

स्वच्छता सिर्फ सिस्टम नहीं, संस्कार बना इंदौर में:

इंदौर की स्वच्छता सिर्फ सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के नागरिकों की आदतों का हिस्सा बन चुकी है। डस्टबिन का नियमित उपयोग, सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का ध्यान, और पर्यावरण के प्रति जागरूकता ने इंदौर को असल मायनों में देश का स्वच्छतम शहर बना दिया है।

अन्य विजेता शहर:

3-10 लाख की आबादी में: नोएडा प्रथम, चंडीगढ़ द्वितीय, उज्जैन चौथे स्थान पर.

20 हजार से कम की श्रेणी में: महाराष्ट्र का पंचगनी प्रथम, मध्यप्रदेश का पाटन द्वितीय और बुधनी पाँचवें स्थान पर.

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