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उत्तराखंड: स्वच्छता की ओर बढ़ते कदम, देहरादून ने 5 साल में 124वीं से 62वीं रैंक तक का किया सफर

स्वच्छता में देहरादून की तरक्की, रैंकिंग में हर साल नया कीर्तिमान.
124 से 62 तक: देहरादून की स्वच्छता यात्रा बनी उदाहरण.

देहरादून: स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में देहरादून नगर निगम ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 62वीं रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि पिछले वर्ष की तुलना में छह स्थानों की छलांग है, जब शहर को 68वीं रैंक मिली थी। पिछले पांच वर्षों में देहरादून ने स्वच्छता रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 124वें स्थान से 62वें स्थान तक का सफर तय किया है।

अंकों में भी दर्ज हुई बड़ी बढ़त:

स्वच्छता प्रयासों के कारण देहरादून को इस वर्ष 7614 अंक प्राप्त हुए, जो 2023 में मिले 6579 अंकों से 1000 से अधिक अंकों की बढ़ोतरी है। यह साफ दर्शाता है कि नगर निगम ने स्वच्छता के हर पहलू में प्रभावी काम किया है। साथ ही, इस वर्ष देहरादून ने उत्तराखंड के अन्य प्रमुख शहर रुद्रपुर को भी पीछे छोड़ दिया है।

पिछले पांच वर्षों की रैंकिंग पर नजर:

2020: 124वीं रैंक

2021: 82वीं रैंक

2022: 69वीं रैंक

2023: 68वीं रैंक

2024: 62वीं रैंक

सफलता के पीछे है सुनियोजित कार्यप्रणाली:

शहर की इस प्रगति का श्रेय नगर निगम की रणनीतिक योजना, सफाई कर्मचारियों की मेहनत, और नागरिकों की जागरूक भागीदारी को जाता है। निगम ने घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को सशक्त बनाया, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में नवाचार किए, और तकनीकी निगरानी व्यवस्था को लागू किया। इसके अलावा जनजागरूकता अभियानों ने भी बड़ी भूमिका निभाई।

महापौर सौरभ थपलियाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,

> “यह सिर्फ एक रैंक नहीं, बल्कि स्वच्छ और विकसित देहरादून की सोच का परिचायक है। यह सफलता सभी नागरिकों, सफाई मित्रों और निगम के अधिकारियों के सहयोग से संभव हो सकी है।”

महापौर ने यह भी बताया कि आने वाले वर्षों में देहरादून का लक्ष्य टॉप-50 शहरों में स्थान बनाना है। इसके लिए नगर निगम कई नवाचार योजनाओं पर काम कर रहा है, जैसे:

स्मार्ट कचरा निगरानी प्रणाली

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र

स्कूल स्तरीय स्वच्छता शिक्षा अभियान

हर मोहल्ले में ‘स्वच्छता प्रहरी’ की तैनाती

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