उधमसिंह नगर: करनपुर फार्म हाउस में चालक राहुल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि राहुल की हत्या पंचायत चुनाव के दौरान एक खास प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने के मकसद से की गई थी। पुलिस ने इस जघन्य हत्या के मामले में दो आरोपियों बलविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी सतनाम अभी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
घटना बीते शनिवार की है, जब कुंडा थाना क्षेत्र के पन्नू फार्म में एक घर से चालक राहुल (32 वर्ष) गंभीर हालत में मिला था। स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को सूचना देने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान ग्राम करनपुर कॉलोनी निवासी राहुल पुत्र सूरज पाल के रूप में हुई। मामले में राहुल की पत्नी रवीना की तहरीर पर कुंडा थाना पुलिस ने परगट सिंह पन्नू और कश्मीर सिंह के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया था।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मंगलवार को रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि हत्या सुनियोजित और राजनीतिक मंशा से प्रेरित थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या का उद्देश्य क्षेत्र में पंचायत चुनाव की दिशा को मोड़ना और एक विशेष प्रत्याशी को लाभ पहुंचाना था। आरोपियों ने मृतक को चुनावी रणनीति के तहत निशाना बनाया, ताकि मृतक की हत्या को एक राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता की सहानुभूति उस प्रत्याशी की ओर मोड़ी जा सके।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बलविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह नामक व्यक्ति शामिल हैं, जो एक संगठित आपराधिक गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। इन पर पहले से हत्या, डकैती, लूटपाट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में कई उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में लंबित हैं।
एसएसपी ने बताया कि फरार आरोपी सतनाम की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हत्या महज व्यक्तिगत रंजिश या संपत्ति विवाद का मामला नहीं है, बल्कि पूरी तरह से राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या को अंजाम देने के लिए काफी समय से योजना बनाई जा रही थी। राहुल को पहले झांसे में लेकर फार्म हाउस बुलाया गया और फिर वहां मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस चुनावी प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने की बात सामने आई है, उसकी भूमिका इस हत्या में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से क्या रही है।
एसएसपी ने कहा कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अब इस केस को एक बड़े संगठित अपराध और चुनावी साजिश के नजरिए से देख रही है। बहुत जल्द अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
