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राहुल गांधी ने IPS पूरन कुमार के परिवार से की मुलाकात, बोले- ‘दलितों के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं’, दोषी अफसर गिरफ्तार हों

चंडीगढ़: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे और दिवंगत वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की। सुबह-सुबह हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद राहुल सीधे पूरन कुमार के आवास गए और वहां उनकी IAS पत्नी अमनीत पूरन कुमार व बेटी अमूल्या से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और उनकी परेशानियों को सुना।

राहुल गांधी ने कहा कि “दलितों के साथ भेदभाव किसी भी रूप में मंजूर नहीं है। यह मामला केवल 10-15 दिन का नहीं, बल्कि वर्षों से चला आ रहा सिस्टेमेटिक भेदभाव है। अधिकारी और सिस्टम मिलकर करियर डैमेज करने का काम कर रहे थे। यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि देश में करोड़ों दलित भाई-बहनों के लिए भी संदेश जा रहा है कि चाहे आप कितने भी सक्षम और इंटेलिजेंट हों, अगर आप दलित हैं तो आपको दबाया जा सकता है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

राहुल गांधी ने सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि “विपक्ष के नेता होने के नाते मैं प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे अपने कमिटमेंट को पूरा करें। पीएम को मैं यह कहूंगा कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। परिवार पर जो दबाव बनाया जा रहा है, उसे तुरंत समाप्त किया जाए। आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ”उन्होंने आगे कहा, “परिवार न्याय और सम्मान चाहता है। उनके पति का अपमान हुआ, लेकिन अब उन्हें न्याय मिलना चाहिए।”

IPS वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने साउंडप्रूफ बेसमेंट में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपनी पत्नी अमनीत के नाम वसीयत और आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा था। इस नोट में उन्होंने हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 13 अधिकारियों पर जातिगत उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और करियर बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि वे इस उत्पीड़न को और सहन नहीं कर सकते।

पूरण कुमार की पत्नी अमनीत ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दर्ज कराई और FIR के माध्यम से आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। परिवार ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अंतिम संस्कार और पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं देंगे। इसने हरियाणा पुलिस और प्रशासन में हलचल पैदा कर दी है। परिवार का कहना है कि पूरन कुमार की मौत के लिए आरोपी अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इस घटना ने देशभर में दलित अधिकारों और सरकारी सिस्टम में उत्पीड़न के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया है। राहुल गांधी की परिवार से यह मुलाकात और दोषियों को कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की अपील इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करती है।

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