गोवर्धन की नगरी में दीपावली महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मानसी गंगा और गिरिराजजी की शिलाएं श्रद्धा के दीपों से जगमगाईं। भक्तों ने परिक्रमा लगाई और प्रमुख मंदिरों में दीपदान किया। गिरिराज के जयकारे और राधे नाम के संकीर्तन ने तलहटी में भक्ति की मिठास घोल दी। भक्तों की पदचाप से सात कोस परिक्रमा मार्ग राधे राधे से गुंजायमान हो गया।
श्रद्धा के दीपों की रोशनी से झिलमिलाई मानसी गंगा, तेजोमय हुआ गोवर्धन पर्वत
दीपावली पर उमड़े भक्त, मानसीगंगा सहित कुंडों पर किया दीपदान, दो दिन मना दीपोत्सव
पर्वतराज गोवर्धन की नगरी ने दीप जलाकर दीपावली महोत्सव धूमधाम से मनाया। श्रद्धा के दीपों से मानसी गंगा झिलमिलाई तो गिरिराजजी की शिलाएं श्रद्धा के दीपों से तेजोमय हो उठीं। कदम-कदम पर आस्था और कण कण में बसी भक्ति के वशीभूत भक्त ब्रजरज मस्तक पर सजाकर परिक्रमा लगाते रहे।
भक्तों की पदचाप ने सात कोस परिक्रमा मार्ग को राधे राधे से गुंजायमान कर दिया। भक्ति के प्रवाह ने संकीर्तन की आवाज को बुलंद रखा। प्रसिद्ध मंदिर भव्यता का तो परिक्रमा मार्ग प्रभु की दिव्यता का गुणगान करने लगी। गिरिराज के जयकारे और राधे नाम के संकीर्तन ने तलहटी में भक्ति की मिठास घोल दी। मानसी गंगा, राधाकुंड सहित प्रमुख कुंडों पर भक्तों ने दीपदान किया।
गोवर्धन में दीपावली महोत्सव दो दिन गुरुवार शुक्रवार को मनाया गया। गोवर्धन के प्रमुख मंदिरों में शुक्रवार को दीपावली मनाई तो जतीपुरा में गुरुवार को दीपावली व शुक्रवार को अन्नकूट महोत्सव मनाया। गुरुवार व शुक्रवार को भक्तों के कदम पर्वतराज की नगरी गोवर्धन का स्पर्श करते चले गए। चारों दिशाओं गिरिराज महाराज के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी।
दीपावली मेला में भक्तों का रुख सुबह से ही गोवर्धन की ओर शुरू हो गया। भक्तों ने गिरिराज मंदिर पहुंचकर प्रभु के दर्शन किए और ब्रजरज मस्तक पर लगाकर परिक्रमा प्रारंभ की। सातकोस परिक्रमा में दिनभर परिक्रमार्थी राधे राधे बोलते हुए परिक्रमा करते रहे। गुलाबी सर्दी का अहसास भक्तों को थकान नहीं होने दे रहा था।
