गदरपुर: ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर तहसील क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास, जाति और अन्य प्रमाण-पत्र बनवाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में सामने आए मामलों में प्रमाण-पत्र निरस्त करने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जांच में भूमिका सामने आने के बाद गदरपुर निवासी निखिल वर्मा और शुभम हुडिया को तहसील प्रशासन ने पूछताछ के बाद गदरपुर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। दोनों के खिलाफ फिलहाल मुकदमा दर्ज किया जाना बाकी है।
प्रशासन के अनुसार, कूटरचित अभिलेखों के जरिए तैयार किए गए प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल नीट परीक्षा के बाद देहरादून में एमबीबीएस प्रवेश के उद्देश्य से किया जाना था। प्रारंभिक जांच में ऐसे मामलों की पुष्टि होने पर अब तक पांच व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जारी स्थायी एवं अनाथ प्रमाण-पत्र निरस्त किए गए हैं। वहीं, जाति प्रमाण-पत्रों के संबंध में नियमानुसार जिला स्क्रूटनी समिति को संस्तुति भेजी गई है।
तहसीलदार लीना चंद्रा के अनुसार, निखिल वर्मा और शुभम हुडिया से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जिनमें प्रकरण से संबंधित रिकॉर्डिंग और दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। आवश्यक कार्रवाई के लिए मोबाइल फोन पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
तहसील प्रशासन की कार्रवाई के बाद दोनों युवकों को गदरपुर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी प्रमाण-पत्र हासिल करने या उनके आधार पर अनुचित लाभ लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार ने बताया कि उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में जांच की कार्रवाई देर रात से सुबह करीब तीन बजे तक चली। कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, तहसीलदार लीना चंद्रा धामी, राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार सहित राजस्व कर्मी और पटवारी मौजूद रहे।
