Udayprabhat
uttrakhandराजनीति

टिहरी कोर्ट से राहत, चिलेड़ी वार्ड के जिला पंचायत सदस्य के शपथ ग्रहण पर कोर्ट ने हटाई रोक, जानिए पूरा मामला?

उत्तम सिंह असवाल को शपथ की मंजूरी, विरोधियों को झटका

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब जिला न्यायाधीश टिहरी की अदालत ने चिलेड़ी क्षेत्र से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह असवाल की शपथ पर लगी रोक को हटा दिया। इस फैसले के बाद न केवल असवाल समर्थकों में उत्साह है बल्कि उनके विरोधियों को भी करारा झटका लगा है। अदालत के आदेश के बाद अब असवाल को शपथ लेने की अनुमति मिल गई है और वह औपचारिक रूप से जिला पंचायत सदस्य का पदभार संभाल सकेंगे।

गौरतलब है कि असवाल की शपथ पर रोक उस समय लगी थी जब उनके नाम के दो वोटर लिस्ट में दर्ज होने को लेकर सवाल उठे। विरोधियों ने इसे मुद्दा बनाकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अदालत ने जांच पूरी होने तक शपथ पर स्टे लगा दिया। इस रोक के कारण पूरे प्रदेश में केवल असवाल ही ऐसे निर्वाचित प्रतिनिधि थे, जिन्हें शपथ नहीं दिलाई गई थी। यह विरोधियों के लिए राजनीतिक हथियार बन गया था, लेकिन अब कोर्ट के आदेश ने उस पर पूर्ण विराम लगा दिया है।

अदालत में दिए गए तर्कों में असवाल ने स्पष्ट किया कि दूसरी वोटर लिस्ट में दर्ज उनकी जानकारी गलत थी। न तो उम्र सही लिखी गई थी, न ही पता और यहां तक कि इपिक आईडी नंबर भी गलत था। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने वास्तव में कहीं और नाम दर्ज कराया होता, तो वे सारी जानकारियां सही दर्ज करवाते। उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से कोर्ट के सामने यह भी रखा कि उन्होंने हमेशा केवल अपने मूल मतदान केंद्र, मालगद्दी के डिगोली बूथ पर ही मतदान किया है। अदालत ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए स्टे को वापस ले लिया और शपथ की अनुमति दे दी।

फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में असवाल ने कहा कि यह सत्य की जीत है और उन्हें हमेशा कोर्ट पर भरोसा था। उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक महीने तक शपथ में देरी से क्षेत्रीय विकास प्रभावित हुआ, लेकिन अब वह तेजी से काम शुरू कर उस नुकसान की भरपाई करेंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी शपथ रोकने के पीछे उनके राजनीतिक विरोधियों का ही हाथ था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोर्ट का यह फैसला असवाल के लिए तो राहत लेकर आया ही है, साथ ही यह संदेश भी देता है कि विरोधियों की रणनीति फिलहाल उलटी पड़ गई है। अब देखना होगा कि शपथ लेने के बाद असवाल किस तेजी से अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हैं और आगामी पंचायत राजनीति में किस तरह अपनी पकड़ मजबूत करते हैं.

Leave a Comment