पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में UKSSSC परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को लेकर प्रदेशभर में युवाओं का गुस्सा सामने आया है। देहरादून से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक कई संगठनों का समर्थन प्राप्त इस आंदोलन में युवाओं ने अपनी नाराजगी और मांगों को जोरदार तरीके से व्यक्त किया। गुरुवार को पौड़ी में भी युवाओं ने मुख्य बस अड्डे से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट के पास बड़ी संख्या में जमा हुए युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई।
युवाओं का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही रोजगार के अवसर सीमित हैं। लगातार पलायन हो रहा है और युवा कड़ी मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन परीक्षा के कुछ ही समय बाद पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने से उनकी मेहनत और भरोसे पर सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकल माफियाओं द्वारा लाखों रुपये लेकर पेपर बेचे जा रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। युवाओं का कहना है कि हाकम सिंह जैसे लोग बार-बार जेल से बाहर आकर वही काला कारोबार दोहराते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में निगरानी और नियंत्रण तंत्र में गंभीर कमी है। युवा वर्षों तक गांव और घर से दूर रहकर किराए पर रहकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं, परिवार आर्थिक बोझ उठाता है, लेकिन अचानक पता चलता है कि उनकी मेहनत के मूल्य का हरण हो गया।
अभ्यर्थी आशीष नेगी ने बताया कि यह केवल उनकी नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे पहाड़ी क्षेत्र और प्रदेश के भविष्य का मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
युवाओं का कहना है कि शिक्षा और नौकरियों की पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना पहाड़ के युवाओं का भरोसा लौटाना मुश्किल है। यह आंदोलन प्रदेश के हर युवा की आवाज बनकर सामने आया है, जो अपने अधिकार, मेहनत और भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहा है।
