देहरादून: प्रदेश की राजधानी देहरादून में विकास के नाम पर अवैध निर्माण और नदियों के किनारे बेतरतीब अतिक्रमण अब विनाश का कारण बन रहे हैं। हाल ही में मालदेवता क्षेत्र में भारी बारिश के बाद आई तबाही की तह तक पहुंचने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि नदी के बीच अनाधिकृत रूप से बने रिजॉर्ट और अवैध निर्माण ने नदी का रुख मोड़ दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि क्षेत्र में तबाही मच गई और छह करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ।
भारी बारिश और तबाही गत
15 और 16 सितंबर को हुई अतिवृष्टि के दौरान मालदेवता क्षेत्र में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। प्राकृतिक धारा में आए अवरोधों के चलते नदी ने अपना रास्ता बदल लिया और किनारे बसे क्षेत्रों में कहर बरपा दिया। सैकड़ों मीटर सड़क बह गई, कई पुल और सरकारी संपत्तियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रशासन के अनुसार किसनपुर बांडावाली क्षेत्र में एक रिजॉर्ट मालिक ने नदी का रुख मोड़कर अवैध निर्माण किया था, जिससे तबाही और बढ़ गई।
डीएम का निरीक्षण और जांच आदेश
जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रभावित क्षेत्रों केसरवाला, मालदेवता, बांडावाली और खैरी मानसिंह का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नदी के रुख में बदलाव कर अवैध रूप से रिजॉर्ट बनाना गंभीर लापरवाही है। इसके कारण 150 मीटर सड़क बह गई और करोड़ों की संपत्ति नष्ट हुई। डीएम ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और रिजॉर्ट मालिक समेत जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही लोक निर्माण विभाग को तुरंत सड़क और पुल की एप्रोच रोड दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
बस्तियों पर भी उठे सवाल..
रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे वर्षों से अवैध बस्तियाँ बसी हुई हैं। इन बस्तियों को हटाने की योजनाएँ कई बार बनीं, लेकिन राजनीतिक दबाव और वोट बैंक की राजनीति के चलते कार्रवाई अधर में लटकती रही। यही कारण है कि आज नदियों का स्वरूप बदल चुका है और शहर बाढ़ जैसी आपदाओं के प्रति संवेदनशील हो गया है। नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि बिंदाल किनारे अवैध रूप से बसे लोगों का सर्वे पूरा हो चुका है और जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। रिस्पना किनारे भी 2016 के बाद बने निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदी किनारे किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होगी। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही नदियों को चैनलाइज कर नुकसान की भरपाई की जाएगी।
