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अमेरिका में भारत के युवक की पुलिस फायरिंग में मौत, परिजनों ने सरकार से मदद की लगाई गुहार

युवक 2016 से अमेरिका में रह रहा था
शव को भारत लाने के लिए केंद्र सरकार से मांगी मदद

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर रहे तेलंगाना के महबूबनगर जिले के रहने वाले 30 वर्षीय मोहम्मद निजामुद्दीन की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई। परिजनों ने गुरुवार को जानकारी दी कि घटना 3 सितंबर को हुई थी। मृतक के पिता मोहम्मद हसनुद्दीन ने बताया कि उन्हें यह खबर अपने बेटे के एक दोस्त से मिली।

हसनुद्दीन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर अपने बेटे का पार्थिव शरीर महबूबनगर लाने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता पुलिस ने गोली क्यों चलाई। मृतक के पिता के अनुसार, निजामुद्दीन ने अमेरिका में एमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में नौकरी शुरू की थी।

परिवार ने बताया कि घटना से पहले निजामुद्दीन का अपने रूममेट से झगड़ा हुआ था। वहीं, सांता क्लारा पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि आइजनहावर ड्राइव स्थित एक घर में रूममेट पर चाकू से कथित हमले के बाद पुलिस ने निजामुद्दीन को गोली मारी। पुलिस ने बताया कि घटना सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर हुई। रूममेट को कई जगह चोटें आईं और उसका इलाज जारी है।

पुलिस ने बताया कि मौके से दो चाकू बरामद किए गए। निजामुद्दीन को गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच, मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने मृतक के पिता द्वारा विदेश मंत्री को लिखे पत्र को मीडिया के साथ साझा किया और केंद्र सरकार से परिवार की हर संभव मदद की अपील की।

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