हरिद्वार: महाराजा अग्रसेन सेवा सदन ट्रस्ट (रजि.) द्वारा नव-निर्मित अग्रवाल भवन में आयोजित श्रीराम कथा के अवसर पर भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य मुकुंद हरि महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को श्रीराम चरित के दिव्य प्रसंगों का रसपान कराया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।
महाराज ने भगवान श्रीराम के बाल्यकाल से लेकर वनवास तक की घटनाओं का अत्यंत मार्मिक एवं विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सेवा और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण है, जो मानव जीवन के लिए आदर्श मार्ग प्रशस्त करता है। कथा के दौरान उन्होंने कैकई द्वारा महाराज दशरथ से दो वरदान मांगने, श्रीराम के वनवास गमन तथा भरत द्वारा मोह त्याग कर धर्म और भ्रातृ-प्रेम का अद्भुत परिचय देने वाले प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
पूज्य मुकुंद हरि महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आदर्श जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं। उनके जीवन से त्याग, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश मिलता है, जिसे आत्मसात करना ही सच्ची भक्ति है।
इस अवसर पर ट्रस्ट के प्रधान दिलीप चंद गुप्ता ने कहा कि नव-निर्मित अग्रवाल भवन में इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना और संस्कारों का प्रसार हो रहा है। श्रीराम कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आदर्श मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने उपस्थित भक्तों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
