जागेश्वर: जागेश्वर धाम क्षेत्र में अतिक्रमण एक बार फिर तेजी से फैलता नजर आ रहा है, जिससे बाजार और टीआरसी मार्ग पर जाम की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बढ़ती भीड़ के बीच सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए म्यूजियम गेट से टीआरसी प्रवेश द्वार तक जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया था और साफ निर्देश दिए थे कि इस क्षेत्र में दोबारा दुकानें नहीं लगाई जाएंगी। इसके बावजूद कुछ ही समय में फिर से अतिक्रमण फैल गया और अब लोनिवि की भूमि पर जगह-जगह कब्जा कर लिया गया है।
अतिक्रमणकारियों द्वारा न केवल अवैध दुकानें लगाई जा रही हैं, बल्कि श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग भी मनमाने तरीके से कराई जा रही है। कई मामलों में श्रद्धालुओं पर दुकानों से सामान खरीदने का दबाव बनाने और विवाद की स्थिति पैदा होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
टीआरसी गेट, जो बड़े वाहनों के लिए बैक करने का प्रमुख मार्ग है, वहां भी अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या गंभीर हो गई है। अतिक्रमणकारी अपने ग्राहकों के वाहन यहां तक कि निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में भी खड़े करवा रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
शाम के समय स्थिति और चिंताजनक हो जाती है। कुछ अवैध फड़ गुंडागर्दी और शराबखोरी के अड्डों में बदल रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण प्रशासनिक कार्रवाई प्रभावित होती रही है। पिछले वर्ष एक मामले में कथित रूप से बाहरी हस्तक्षेप के चलते जेसीबी कार्रवाई तक रुकवानी पड़ी थी।
वर्तमान हालात को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि जागेश्वर धाम की धार्मिक गरिमा और व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
