- 26 जनवरी को ग्रामीणों ने किया सड़क का निर्माण कार्य शुरू
- गांव की महिला, बच्चे और बुजुर्ग तक कर रहे सहयोग
- 12 साल से कागजों पर बन रही सड़क
- सड़क बनाकर ही अब घर लौटेंगे – ग्रामीण
- 9वें दिन भी ग्रामीण खुद बना रहे सड़क, अब तक 60 मीटर सड़क का किया निर्माण
जोध सिंह रावत/गैरसेंण/03-02-2020
गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के दिन भराड़ीसैण में जब विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल(Premchand Aggarwal) सहित कई सफेदपोश नेता सांस्कृतिक प्रस्तुतियों(Cultural Performance) का आनंद उठा रहे थे उस समय तहसील मुख्यालय से 15 किमी दूर मालकोट- कालीमाटी – सेरा व तेवाखर्क के ग्रामीणों ने सरकार की वेवफाई से थक हार कर खुद ही श्रमदान कर मोटर सड़क निर्माण आन्दोलन की बिगुल बजाते हुए तेवाखर्क गांव से 3 किमी दूर जंगल में सड़क के लिए खुदाई शुरु की.

सड़क निर्माण आंदोलन के नोवें दिन भी जारी है. बुधवार (Wednesday) को मालकोट महिला मंगल दल की सदस्याओं ने सड़क श्रमदान में भागीदारी की. हाथों में फावड़े, कुदाल लिए परम्परागत गीतों (Folk Songs) के साथ पथरीली बंजर जमीन को चीर रही महिलाएं सड़क निर्माण के प्रति संकल्पबद्ध नजर आयी. खुदाई कर रही महिलाओं की अगुवाई कर रही चंद्रा देवी ने कहा मुख्य सड़क तक पहुचने पर ही दम लेंगी.
बताते चलें कि 26 जनवरी से लेकर आज तक ग्रामीण 60 मीटर से अधिक सड़क तैयार कर चुके हैं लेकिन पुरानी सरकारों के नक्शे कदम पर चलती त्रिवेंद्र सरकार भी इस इलाके के लोगों के लिए बेवफा हो चुकी है. राज्य में फ्लाईओवरों के निर्माण का दम भरती सरकार तीन किलोमीटर सड़क के निर्माण में नाकाम है.
मालकोट- कालीमाटी – सेरा व तेवाखर्क मोटरमार्ग के लिए 12 साल पहले सरकार द्वारा 31.38 लाख से 3 किमी सड़क निर्माण को स्वीकृति मिली थी. सड़क के समरेखण पश्चात पेड़ काटने का काम 2017-18 में कर लिया गया लेकिन वित्तीय स्वीकृति के अभाव में सड़क निर्माण कार्य शुरु नहीं हो सका. निर्माण में देरी होते देख 27 फरवरी 2020 को ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय ( Tehsil Headquarters) पर प्रदर्शन कर भूख हड़ताल शुरु की, जिस पर विधायक कर्णप्रयाग सुरेंद्र सिंह नेगी व ग्रामीणों के बीच हुए समझौते के 3 महीने के अंदर निर्माण शुरू हो जाना था लेकिन ऐसा हो नहीं हुआ.
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मामले की गम्भीरता को देखते हुए सम्बन्धित विभाग द्वारा 212.86 लाख का आगणन 20 मई 2020 को सरकार को भेजा गया. साथ ही दूसरे चरण के फेज वन के कार्य के लिए 67.22 लाख का आगणन 19 जनवरी 2021 को भेजा गया। सरकार की खामोशी को ग्रामीणों ने उपेक्षा मानते हुए 4 जनवरी को ग्रामीणों ने गैरसैंण के एसडीएम (SDM), थाना प्रभारी ( Police Station Incharge), लोनीवि अधिशासी अभियंता सहित विधायक व मुख्यमंत्री(Chief minister) को 25 जनवरी तक स्वीकृत मार्ग पर कार्य शुरु किये जाने की मांग की. प्रेषित पत्र में तय समय पर सड़क निर्माण शुरु नहीं किये जाने पर श्रमदान कर सड़क खोदने व आगामी विधानसभा चुनाओं के बहिष्कार की चेतावनी दी, जिस पर गणतंत्र दिवस पर ग्रामीणों ने ध्वजारोहण कर भूमिपूजन के पश्चात सड़क खुदाई शुरु कर दी. मामले में लोनिवि(PWD) निर्माण खंड गैरसैंण के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही 3 किमी सड़क पर कार्य शुरु कर दिया जाएगा, जब कि सड़क पर 48 कि.मी. स्पान के पुल के लिए पृथक से स्वीकृति ली जानी है.
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