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उत्तराखंड में नए साल का जश्न, पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़, प्रशासन की भी कड़ी निगरानी

मसूरी से नैनीताल और चोपता से कॉर्बेट तक सैलानियों का सैलाब, जश्न के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मसूरी/नैनीताल/रुद्रप्रयाग: देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर नए साल के जश्न का गवाह बन रही है। साल 2025 को विदा कर 2026 के स्वागत के लिए पहाड़ों की रानी मसूरी, सरोवर नगरी नैनीताल, आध्यात्मिक-प्राकृतिक पर्यटन स्थल चोपता-तुंगनाथ, रुद्रप्रयाग और जंगलों की शान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व सैलानियों से गुलजार हैं। देश-विदेश से आए हजारों पर्यटक ठंड, बर्फीली हवाओं और पहाड़ों की खूबसूरती के बीच नए साल की शुरुआत को यादगार बनाने में जुटे हैं। पर्यटन स्थलों पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है।

देवभूमि में नए साल की रौनक

उत्तराखंड को न केवल धार्मिक आस्था की भूमि माना जाता है, बल्कि यह राज्य पर्यटन के लिहाज से भी देश की पहली पसंदों में शामिल है। हर साल की तरह इस बार भी 31 दिसंबर और 1 जनवरी के मौके पर बड़ी संख्या में सैलानी उत्तराखंड पहुंचे हैं। होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और गेस्ट हाउसों में लगभग फुल बुकिंग का माहौल है। पहाड़ों पर बर्फ से ढकी चोटियां, देवदार के जंगल, शांत झीलें और ठंडी हवा सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

चोपता-तुंगनाथ में आस्था और रोमांच का संगम

रुद्रप्रयाग जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चोपता इन दिनों पूरी तरह पर्यटकों से पैक है। ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर चोपता में नए साल के जश्न के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए यहां होटल और कैंप लगभग फुल हो चुके हैं। चोपता के बाद पर्यटक विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ तक भी पहुंच रहे हैं, जहां बर्फीले रास्तों के बीच ट्रेकिंग का रोमांच अलग ही अनुभव दे रहा है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी तरह के उपद्रव या अव्यवस्था को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। चोपता बाजार, पार्किंग स्थल और ट्रेकिंग रूट्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि क्रिसमस से ही चोपता में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और नए साल पर यह संख्या और अधिक होने की संभावना है। ऐसे में पुलिस पूरी सजगता के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही है ताकि पर्यटक सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से नए साल का आनंद ले सकें।

मसूरी में जश्न का रंग, संस्कृति की खुशबू

पहाड़ों की रानी मसूरी नए साल के स्वागत के लिए पूरी तरह सज चुकी है। मॉल रोड से लेकर कंपनी गार्डन और केम्पटी फॉल तक हर जगह रौनक ही रौनक है। बड़े सितारा होटलों से लेकर छोटे होमस्टे तक में खास न्यू ईयर पैकेज तैयार किए गए हैं। लाइव म्यूजिक, डीजे नाइट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन इस बार मसूरी के जश्न को और खास बना रहे हैं।

मसूरी होटल एंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि नए साल को लेकर लगभग 70 प्रतिशत बुकिंग पहले ही हो चुकी है और अंतिम समय में यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस बार होटल संचालकों ने सिर्फ ठहरने की सुविधा ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और पहाड़ी खान-पान को भी पर्यटकों से जोड़ने की खास योजना बनाई है।

एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि नए साल के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों, पर्यटन स्थलों और मॉल रोड पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। यातायात जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जा रहा है और पार्किंग व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है।

नैनीताल में झील किनारे जश्न

सरोजनी नगरी नैनीताल में भी नए साल का उत्साह चरम पर है। नैनी झील के आसपास, मॉल रोड और स्नो व्यू प्वाइंट पर सैलानियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी के मौके पर नैनीताल जिले के साथ-साथ पूरे कुमाऊं मंडल में पर्यटकों की आवाजाही तेज हो गई है।

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि नैनीताल, जिम कॉर्बेट और आसपास के पर्यटन स्थलों पर होटलों और रिसॉर्ट्स में अच्छी बुकिंग है। वीकेंड के चलते आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

नैनीताल में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। जोन और सेक्टर बनाकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। पार्किंग स्थलों का बेहतर उपयोग किया जा रहा है ताकि जाम की स्थिति न बने।

कॉर्बेट में प्रकृति के बीच नए साल का स्वागत

नए साल के आगमन से पहले रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ढिकाला, बिजरानी, झिरना, दुर्गा देवी और ढेला जैसे सभी प्रमुख जोन पूरी तरह पैक हैं। जंगल सफारी, वन्यजीवों की झलक और शांत वातावरण में नए साल का स्वागत करने की चाहत ने कॉर्बेट को एक बार फिर पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है।
पर्यटकों का कहना है कि शहरों की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर कॉर्बेट का प्राकृतिक वातावरण उन्हें मानसिक सुकून देता है। खुले जंगल, स्वच्छ हवा और वन्यजीवों के बीच नए साल की शुरुआत करना उनके लिए बेहद खास अनुभव है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा, सफाई और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। सफारी गाइड और जिप्सी चालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का पूरी तरह पालन कराया जाए। कॉर्बेट के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने सभी पर्यटकों का स्वागत करते हुए उन्हें नए साल की शुभकामनाएं दीं।

नैनीताल में सख्त चेकिंग अभियान

पर्यटकों की भारी भीड़ के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नैनीताल पुलिस ने सख्त चेकिंग अभियान चलाया है। जनपद की सीमाओं पर सुबह से ही वाहन चेकिंग की जा रही है। पुलिस द्वारा 263 वाहनों के चालान किए गए, 8 वाहनों को सीज किया गया और नशे में वाहन चलाने वाले 4 चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
एल्कोमीटर से जांच के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के वाहन सीज किए गए। इसके साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 2 वाहन चालकों के लाइसेंस भी निरस्त किए गए। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नए साल के दौरान भी लगातार जारी रहेगा ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके।

उत्तराखंड में नए साल का जश्न जहां एक ओर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, वहीं प्रशासन और पुलिस लगातार यह संदेश दे रही है कि जश्न के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखें।

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