हल्द्वानी: एसटीएफ की साइबर थाना पुलिस ने 1.3 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह ठगी लोहाघाट निवासी एक सेवानिवृत्त फौजी के साथ की गई थी, जिसे डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर ठगों ने भारी भरकम रकम ट्रांसफर कराई थी।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि लोहाघाट थाने से प्राप्त प्रकरण की जांच साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र को सौंपी गई थी। पीड़ित फौजी ने शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्हें व्हाट्सएप पर एक अज्ञात व्यक्ति की ऑडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी एजेंसी से जुड़ा बताया और पीड़ित को नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल होने का झूठा आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी। साथ ही मुंबई में केस दर्ज होने और संपत्ति जब्त करने का डर दिखा कर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में RTGS और NEFT के माध्यम से कुल 1.3 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
जांच के दौरान पुलिस ने ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप कॉल्स और बैंक खातों का विवरण खंगालते हुए संबंधित सेवा प्रदाताओं से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। जांच में पता चला कि उक्त राशि IDFC बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हुई, जो कि पिंकू वर्मा निवासी वार्ड नंबर 17, महावीर वार्ड गली, नियर अंबिका विहार सी रोड, महावीरपारा, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) के नाम पर है। गुरुवार को पुलिस टीम ने पिंकू वर्मा को गिरफ्तार कर साइबर थाना, कुमाऊं लाकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पशु आहार की दुकान चलाता है और एक फर्म के नाम से खाता संचालित कर रहा था। पीड़ित से ठगी गई राशि में से 9 लाख 18 हजार रुपये उक्त फर्म के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने आरोपी को BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 35 के अंतर्गत नोटिस तामील कराते हुए मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
