पुलिस कार्मिकों को मिले समुचित प्रशिक्षण : विजया
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने डायल 112 कंट्रोल रूम का भ्रमण कर त्वरित रिस्पान्स प्रणाली की सराहना
उत्तराखण्ड में महिला हेल्प डेस्क एवं महिला हेल्प लाइन कर्मियों को राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ समन्वय से किया जाएगा विशेष रूप से प्रशिक्षित
डीजीपी ने कहा-महिला सम्मान की रक्षा में उत्तराखण्ड पुलिस सदैव प्रतिबद्ध
देहरादून : राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराध, मानव तस्करी और थानों में स्थापित महिला हेल्पडेस्क पर कार्यरत कार्मिकों के संवेदनशील व्यवहार के लिए समुचित प्रशिक्षण दे। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों व कार्मिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शुक्रवार को सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में ममता वोहरा, पुलिस अधीक्षक, पी/एम, एवं महिला सुरक्षा द्वारा अध्यक्ष को एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर उठाए गए प्रमुख कदमों के संबंध में जानकारी दी। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम को लेकर उत्तराखंड पुलिस द्वारा की
राज्य पुलिस के अधिकारियों के साथ महिला अपराध समीक्षा बैठक अध्यक्ष विजय रहाटकर व अन्य। करती राष्ट्रीय महिला आयोग की जा रही कार्यवाही की राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने सराहना की। उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को समाज के साथ जुड़कर कार्य करना चाहिए और जनपदों में स्थापित महिला प्रकोष्ठों द्वारा काउंसलिंग के दौरान आयोग के पास उपलब्ध प्रशिक्षित काउंसलर्स की सहायता ली जा सकती है।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिलों एसएसपी-एसपी संबंधित जनपदों में कार्यरत प्रोटक्शन अधिकारी के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि पीड़ित महिलाओं को भरण-पोषण, संतान की अभिरक्षा जैसे मामलों में विधिक सहायता सुलभ कराई जा सके। प्रोटक्शन अधिकारी पीड़ित की ओर से न्यायालय में याचिका दायर करने में भी सहायक हो सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि राष्ट्रीय महिला आयोग को प्रकरणों की सूचना समयवद्ध रूप से प्रेषित की जाए और की गई कार्यवाही की एक्शन टेक्कन रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रस्तुत की जाए।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस समाज में महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के वातावरण को और सुदृढ़ करने के लिए सतत प्रयासरत है और भविष्य में भी राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ परस्पर समन्वय और सहयोग से इस दिशा में कार्य करती रहेगी। बैठक के उपरांत राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड के साथ ‘डायल 112 कंट्रोल रूम का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने उन्हें डायल 112 की कार्यप्रणाली, रिस्पन्स टाइम, तकनीकी ढांचे और जनसहायता के दृष्टिकोण से इसके प्रभावशील संचालन की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
