रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को हुए भीषण बस हादसे ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में अब तक पांच तीर्थयात्रियों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि सात यात्री अभी भी लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। हादसे में घायल यात्रियों को रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और 2018 बैच के युवा आईएएस अधिकारी प्रतीक जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।
इस बस दुर्घटना में कुल 8 तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से चार का उपचार रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में, जबकि चार अन्य का इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। हादसा गुरुवार सुबह घोलतीर के पास उस समय हुआ जब तीर्थयात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गई।
बता दें कि डीएम प्रतीक जैन 32 वर्ष की आयु में रुद्रप्रयाग के सबसे युवा जिलाधिकारी बने हैं। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा कर यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने यात्रा मार्ग में स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देशित किया था।
प्रतीक जैन की त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली को लेकर जनपद में सराहना की जा रही है। इस दुखद घटना के बाद भी उन्होंने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी और घायलों के प्रति मानवीय संवेदना प्रकट की।
