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चमोली में बारिश का कहर: घरों में घुसा मलबा, मवेशियों की मौत, लोग अस्पताल में शरण लेने को मजबूर

बदरीनाथ हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बंद, खेत-खलिहानों को नुकसान, थिरपाक गांव में भारी तबाही.

चमोली : पहाड़ों में आफत बनकर बरस रही बारिश ने चमोली जिले में तबाही मचा दी है। बीते 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों में घरों के भीतर मलबा घुस गया है, जिससे लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अस्पतालों में शरण लेनी पड़ी है।

बदरीनाथ हाईवे मलबे से बाधित, कई घंटे फंसे रहे यात्री

बारिश के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी मलबा आ गया, जिससे भनेरपानी, क्षेत्रपाल और पीपलकोटी के पास यातायात अवरुद्ध हो गया। हाईवे बंद होने से कई लोग मार्ग में फंस गए थे। बाद में प्रशासन द्वारा मार्ग साफ कर यात्रा बहाल की गई।

थिरपाक गांव में गदेरे ने मचाई तबाही, मलबे में दबे मवेशी

सबसे ज्यादा नुकसान नंदप्रयाग क्षेत्र के थिरपाक गांव में देखने को मिला, जहां अचानक उफान पर आए बरसाती गदेरे का मलबा और पानी लोगों के घरों और खेतों में घुस गया। हादसे में 1 बैल और 2 बकरी की मौत हो गई, जबकि 2 गोशालाएं और 2 शौचालय बह गए। मलबे के चलते कई घरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। खेतों तक पहुंचे मलबे से फसलों को भी व्यापक नुकसान हुआ है।

लोगों की जान को खतरा, राहत और मुआवजे की मांग

थिरपाक गांव के देवाशीष कुमार, सज्जन लाल, मनोहर लाल, रोशन कुमार, रघुलाल और गरीब लाल के मकानों पर अब भी खतरा मंडरा रहा है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। इस बीच, नंदानगर क्षेत्र में चुफलागाड़ और नंदाकिनी नदी भी उफान पर हैं, जिससे क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

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