11 साल पुराने प्रेम संबंध में दरार आने के बाद प्रेमी ने चाकू से हत्या की वारदात को अंजाम दिया, पुलिस ने कुछ घंटों में पकड़ा.
हरिद्वार: सिडकुल थाना क्षेत्र के नवोदय नगर में 7 जुलाई को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक सिरफिरे युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी को हरिद्वार पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस कप्तान ने इस त्वरित कार्रवाई पर सिडकुल पुलिस टीम की सराहना की है।
मृतका की पहचान हंसिका यादव के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी और पिछले कुछ वर्षों से हरिद्वार में रह रही थी। जांच में सामने आया कि हंसिका और आरोपी प्रदीप, निवासी हुसैनगंज, जिला सीतापुर (उत्तर प्रदेश), के बीच पिछले करीब 11 वर्षों से प्रेम संबंध थे। वर्ष 2021 में हंसिका अपने माता-पिता के निधन के बाद हरिद्वार आई थी और प्रदीप के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी थी। दोनों सिडकुल क्षेत्र की एक ही कंपनी में काम करते थे।
प्रदीप ने हंसिका को उसी कंपनी में नौकरी भी दिलवाई थी। एक वर्ष पूर्व हंसिका का भाई वरुण यादव भी उनके पास आकर रहने लगा था। चार साल तक साथ रहने के बाद, आपसी मनमुटाव और झगड़ों के कारण हंसिका ने प्रदीप से अलग होकर रोशनाबाद में अपनी सहेली के साथ रहना शुरू कर दिया। वहीं प्रदीप, हेतमपुर गांव में वरुण यादव के साथ रहने लगा।
पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में हंसिका की नजदीकियां किसी अन्य युवक से बढ़ने लगी थीं, जिससे प्रदीप आहत था। उसने हंसिका को समझाने के लिए 7 जुलाई को नवोदय नगर कॉलोनी में मिलने बुलाया। वहां जाने से पहले वह रोशनाबाद की एक दुकान से चाकू लेकर गया था। बातचीत के दौरान जब हंसिका ने दोबारा साथ रहने से इंकार किया, तो गुस्से में आकर प्रदीप ने जेब से चाकू निकाला और हंसिका का गला रेत दिया। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया।
सूचना मिलते ही सिडकुल पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और लहूलुहान हालत में पड़ी युवती को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हंसिका के भाई वरुण यादव की तहरीर पर सिडकुल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाए और संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार कुछ ही घंटों की मेहनत के बाद आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सिडकुल पुलिस की तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केस पुलिस की सतर्कता और समर्पण का उदाहरण है।
