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उत्तराखंड: डीजीपी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सुरक्षा रणनीति की समीक्षा

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 के पहले चरण को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। यह बैठक सरदार पटेल भवन, देहरादून स्थित डीजीपी मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के दोनों परिक्षेत्रों एवं सभी जनपद प्रभारियों के साथ की गई।

बैठक में आईजी कानून व्यवस्था एवं पुलिस नोडल अधिकारी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने डीजीपी को राज्यभर में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए पुलिस बल की तैयारियों, बल की तैनाती और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सभी जनपदों से फीडबैक प्राप्त कर सुरक्षा को लेकर संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।

डीजीपी द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए प्रमुख निर्देश:

सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाए।

मौसम पर सतत निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि मतदान पार्टियाँ समय पर बूथों तक पहुँचें।

कांवड़ यात्रा में लगे पुलिस बल को समय पर पंचायत चुनाव ड्यूटी के लिए उनके जिलों में वापस भेजा जाए।

जहां चुनाव बहिष्कार की सूचनाएं मिली हैं, वहाँ जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की सुरक्षा की विशेष समीक्षा की जाए। इन बूथों का निरीक्षण संबंधित जनपद प्रभारी स्वयं करें।

सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई जाए और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो।

एसडीआरएफ को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से समन्वय कर संभावित आपदाओं के प्रति पूर्व चेतावनी हेतु सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया।

अब तक की गई कार्रवाई:

राज्य में 20,400 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.32 करोड़ है।

145 किलोग्राम मादक पदार्थ पकड़ा गया जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹13.70 करोड़ बताई गई है।

अब तक 2,778 मामलों में 20,288 व्यक्तियों का चालान किया गया है, जिनमें से 7,682 को पाबंद किया गया है।

86% लाइसेंसी शस्त्र जनपदों में जमा कराए जा चुके हैं।

डीजीपी दीपम सेठ ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि:

> “हर मतदाता को भयमुक्त वातावरण में मतदान करने का अवसर देना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। कानून व्यवस्था को बाधित करने की किसी भी कोशिश को कड़ाई से कुचला जाएगा।”

इस बैठक के माध्यम से डीजीपी ने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों को यह संदेश दिया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए।

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