देहरादून: उत्तराखंड में 26वां कारगिल विजय दिवस पूरे सम्मान और गर्व के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देहरादून के चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन उत्तराखंड सब एरिया द्वारा किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम ने शहीद सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
समारोह का शुभारंभ मार्च पास्ट से हुआ, जिसमें केंद्रीय विद्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल और एनसीसी कैडेट्स के 120 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस आयोजन ने युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवंत किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा शहीदों, वीर नारियों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे शहीदों से प्रेरणा लें और देश के गौरव और मूल्यों की रक्षा में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम में मेजर जनरल एमपीएस गिल, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया, रियर एडमिरल पियूष पॉसी, ब्रिगेडियर आरएस थापा सहित तीनों सेनाओं के अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि हर नागरिक राष्ट्र सेवा और शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करेगा।
हालांकि, इस गर्वपूर्ण अवसर पर शहीदों की वीरांगनाओं और परिजनों ने सम्मान के लिए सरकार का आभार तो व्यक्त किया, लेकिन कुछ अधूरी वायदों पर मलाल भी जताया। विशेषकर शहीद परिवारों को वादा की गई ज़मीन अब तक न मिलने की बात सामने आई।
उत्तराखंड सब एरिया और सेना की विभिन्न इकाइयों द्वारा राज्यभर में इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य देशभक्ति को प्रोत्साहित करना और शहीदों के बलिदान को स्मरण करना है।
