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नैनीताल में दो युवकों की झड़प से बढ़ा साम्प्रदायिक तनाव, पुलिस ने किया शांति बनाए रखने का आग्रह

युवती के समर्थन में सामने आने और मौलानाओं की एंट्री से मामला बिगड़ा, हिंदू संगठनों ने दी गिरफ्तारी की चेतावनी.

नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल एक बार फिर तनाव के माहौल से गुजर रही है। एक मामूली झड़प ने बड़ा साम्प्रदायिक रंग ले लिया है, जब दो युवकों के बीच हुए विवाद में बाद में हिंदू संगठनों और समुदाय विशेष के मौलानाओं की एंट्री ने हालात को और भड़का दिया। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

मामला शहर के कोतवाली क्षेत्र का है, जहां दो युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। एक युवक ने दूसरे समुदाय के युवक पर मारपीट का आरोप लगाया और पुलिस से शिकायत की। जब पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ शुरू की, तो अचानक स्थिति तब पलटी जब एक युवती ने सामने आकर आरोपी युवक का समर्थन किया और कहा कि उसे फंसाया जा रहा है।

इसके बाद युवती के परिजन और कुछ हिंदूवादी संगठनों के सदस्य कोतवाली पहुंचे और आरोप लगाया कि युवक ने युवती को बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में लिया है। मामला तब और अधिक संवेदनशील हो गया जब पास की मस्जिद से कुछ मौलाना भी कोतवाली पहुंच गए। मौलानाओं और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

हिंदू संगठनों की सख्त मांग और पुलिस का जवाब

हिंदू संगठनों ने मौलानाओं पर माहौल को भड़काने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में शिकायती पत्र सौंपा और धमकी देने वाले मौलाना समेत आरोपी युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठनों का आरोप है कि समुदाय विशेष के युवक हिंदू लड़कियों को बहकाकर नशे की लत में डाल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को अल्टीमेटम दिया है कि अगर गुरुवार सुबह तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कोतवाल हेमचंद पंत ने बताया, “हम मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। दोनों पक्षों से बातचीत जारी है। कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। शांति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”

स्थिति पर नजर, प्रशासन अलर्ट

पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह की टकराव की स्थिति को टालने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय बुद्धिजीवी और सामाजिक संगठनों ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

नैनीताल जैसे शांत शहर में ऐसे विवादों का उभरना चिंता का विषय है। जहां एक ओर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में है, वहीं सामुदायिक संगठनों से भी जिम्मेदार रवैया अपेक्षित है ताकि शहर की फिजा को बिगड़ने से बचाया जा सके।

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