याचिकाकर्ता ने आयोग पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया
युवाओं की मांग: आयु सीमा 22 से बढ़ाकर 25 वर्ष की जाए
हाईकोर्ट पहले ही भर्ती परिणाम पर रोक लगा चुका है.
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट में आज एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई होने जा रही है, जो प्रदेश की 2000 पदों पर चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट से जुड़ी है। यह याचिका चमोली निवासी रोशन सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें उन्होंने उम्र बढ़ने के कारण भर्ती प्रक्रिया से वंचित होने की बात कही है और आयु सीमा में छूट देने की मांग की है।
रोशन सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 20 अक्टूबर 2024 को पुलिस विभाग में जिला रिजर्व पुलिस, पीएसी और आईआरबी के लिए 2000 पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसमें 1550 नए पदों के साथ-साथ वर्ष 2021-22 और 2022-23 के 450 रिक्त पदों को भी सम्मिलित किया गया है।
याचिकाकर्ता ने बताया कि वह पूर्व में आयोजित भर्ती में शामिल नहीं हो सके थे, जिससे उनकी उम्र निर्धारित सीमा से अधिक हो गई है। वर्तमान में पुलिस भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 22 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 25 वर्ष किए जाने की मांग की गई है।
इस संदर्भ में उत्तराखंड बेरोजगार संगठन ने भी कई बार राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। संगठन का कहना है कि पुलिस जैसी अहम सेवाओं के लिए राज्य सरकार नियमित रूप से भर्ती नहीं करती, जिससे कई युवा आयु सीमा पार कर जाते हैं और उन्हें अवसर से वंचित होना पड़ता है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में हाईकोर्ट ने बिना अनुमति के पुलिस भर्ती का परिणाम जारी न करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके आयोग ने शारीरिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया, जिसे याचिकाकर्ता ने अदालत की अवमानना करार दिया है।
आज इस याचिका पर सुनवाई होनी है और इससे हजारों युवा उम्मीदवारों की उम्मीदें जुड़ी हैं। यदि कोर्ट आयु सीमा में छूट पर सहमति जताता है, तो यह फैसला प्रदेश भर के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
अब देखना होगा कि हाईकोर्ट इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में एक और मौका मिलेगा। आज का दिन पुलिस भर्ती से जुड़े युवाओं के भविष्य को तय कर सकता है।
