एक लाख 84 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को मिलेगा योजना का लाभ
गैस रिफिल की राशि केवल सिलेंडर भरवाने के लिए ही होगी इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग को दी सख्त निर्देश: फर्जी कार्डों पर कार्रवाई, समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें.
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अंत्योदय कार्डधारकों को राहत देते हुए अंत्योदय मुफ्त गैस रिफिल योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से गैस सिलेंडर रिफिल कराने की राशि दी जाएगी। योजना से प्रदेश के करीब 1.84 लाख अंत्योदय कार्डधारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस व्यवस्था को जल्द लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शत-प्रतिशत पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचे और धनराशि केवल सिलेंडर भरवाने के लिए ही उपयोग में लाई जा सके। खाद्य विभाग को इसके लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पंजीकृत सभी लाभार्थियों का डेटा अद्यतन किया जाए ताकि किसी पात्र व्यक्ति को योजनाओं से वंचित न रहना पड़े।
विशेष रूप से बुजुर्गों और अन्य ऐसे लाभार्थियों के लिए जिनके लिए बायोमीट्रिक सत्यापन में कठिनाई होती है, मुख्यमंत्री ने ऑफलाइन प्रमाणीकरण या वैकल्पिक प्रणाली से राशन देने के निर्देश दिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति तकनीकी खामियों के कारण राशन से वंचित न हो।
मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न भंडारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि गोदामों की सुरक्षा और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा ताकि राज्य से बाहर गए नागरिक भी आसानी से राशन प्राप्त कर सकें।
उन्होंने अधिकारियों को फर्जी राशन कार्ड की पहचान कर कार्रवाई करने और डीलरों या अधिकारियों द्वारा की गई किसी भी लापरवाही पर तत्काल निलंबन की चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हर महीने सभी कार्डधारकों को पूरा राशन समय पर उपलब्ध हो, विशेष रूप से दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों में पूर्व-स्टॉकिंग की प्रभावी व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी जिलों के लिए बफर स्टॉक योजना तैयार करने और मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों को समय पर खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया।
ई-पूर्ति पोर्टल की निगरानी और आधार व मोबाइल OTP आधारित वितरण प्रणाली को सशक्त बनाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही खाद्य शिकायत निवारण प्रणाली पर आई शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा गया।
इस समीक्षा बैठक में लिए गए फैसले राज्य के गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित हो सकते हैं।
