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उत्तरकाशी धराली में तबाही के बीच उम्मीद बनी सेना, हर सांस की सुरक्षा में जुटे हैं जवान, सेना, सरकार और सिस्टम सब मैदान में

कर्नल हर्षवर्धन बोले – आखिरी नागरिक तक राहत अभियान जारी रहेगा.

उत्तरकाशी:उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने के बाद मचे कहर के बीच भारतीय सेना उम्मीद की एक किरण बनकर उभरी है।
14 राजपुताना राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल हर्षवर्धन खुद 150 जवानों के साथ राहत कार्यों की अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा – “जब तक अंतिम व्यक्ति भी सुरक्षित बाहर नहीं निकल जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।”

सेना के जवान मलबे और कीचड़ के बीच जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों तक पहुंच रहे हैं। हेलीकॉप्टरों से दवाएं और राशन पहुंचाए जा रहे हैं, और गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

लगातार बारिश से जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई लोगों को ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। सेना, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें हर पल की निगरानी में जुटी हैं। धराली में तबाही भले आई हो… पर सेना की मौजूदगी हर दिल को भरोसा दे रही है।

उत्तरकाशी आपदा: सेना, सरकार और सिस्टम सब मैदान में, अब तक 135 लोगों का सफल रेस्क्यू
पीएम मोदी ने सीएम धामी से की बात, हरसंभव मदद का भरोसा

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तराखंड के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और हालात की गंभीरता से अवगत कराया। सांसदों ने बताया कि अनेक मार्ग बंद हैं, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। इस पर प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी और वह स्वयं हालात की निगरानी कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद अनिल बलूनी, रानी लक्ष्मी शाह समेत अन्य सांसद शामिल थे।

सीएम धामी का ज़मीनी दौरा, कहा – हर जीवन हमारे लिए अनमोल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली, हर्षिल और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने आपदा में फंसे लोगों से मुलाकात कर हौसला बढ़ाया और कहा, “हर व्यक्ति की जान कीमती है। हम ग्राउंड ज़ीरो पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं।” सीएम ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को राहत कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी है और वायुसेना से भी मदद ली जा रही है।

135 लोगों का सफल रेस्क्यू, अब भी 200 ग्रामीण फंसे

धराली और हर्षिल क्षेत्रों में अब तक 135 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसमें 100 लोग गंगोत्री की ओर से और 35 लोग हर्षिल आर्मी गेट क्षेत्र से सुरक्षित निकाले गए हैं। प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।

सेना बनी जीवन रक्षक, मलबे में रास्ता बना रहे हैं जवान

14 राजपुताना राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल हर्षवर्धन खुद 150 जवानों के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि “जब तक अंतिम नागरिक भी सुरक्षित नहीं निकल जाता, हमारा अभियान जारी रहेगा।” सेना 25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बना रही है और अस्थायी पुल तैयार किए जा रहे हैं।

हेलीकॉप्टर से राशन और दवाएं, गंभीरों को एयरलिफ्ट किया जा रहा

सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए आवश्यक सामग्री लगातार भेजी जा रही है। गंभीर रूप से बीमार ग्रामीणों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

चिकित्सा सेवाओं के लिए 11 डॉक्टरों की विशेष टीम

राज्य सरकार ने उत्तरकाशी के लिए 11 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रवाना की है, जिसमें 5 सर्जन, 4 ऑर्थोपेडिक और 2 फिजिशियन शामिल हैं। यह टीम अगले आदेश तक धराली में ही सेवाएं देगी। टीम में डॉ. आरएस बिष्ट, डॉ. सुमित, डॉ. गुलशेर, डॉ. चंद्रशेखर आदि शामिल हैं।

राज्य आपदा निधि से 20 करोड़ की राहत राशि स्वीकृत

राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन निधि से धराली क्षेत्र के राहत व बचाव कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। सीएम धामी ने पहले ही आंध्र प्रदेश दौरा रद्द कर सीधे देहरादून पहुंच कर हालात की समीक्षा की थी।

कांग्रेस ने भी भेजा प्रतिनिधिमंडल

धराली आपदा पर कांग्रेस पार्टी ने भी सक्रियता दिखाई है। पार्टी अध्यक्ष करन माहरा ने चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पीड़ितों की सहायता और ज़मीनी आकलन के लिए भेजा है। इसमें घनानंद नौटियाल, मनीष राणा, दर्शन लाल और दिनेश गौड़ शामिल हैं।

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