डीएम सविन बंसल ने वर्षों से अटकी फाइलें बाहर निकालकर दी नई दुकानों को मंजूरी, भीड़ कम होगी और स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
देहरादून: जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से सरकारी सस्ता गल्ला राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों को बाहर निकालते हुए नई राशन दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। नतीजतन, जनपद के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में 17 नई सस्ता गल्ला राशन दुकानें धरातल पर खुल चुकी हैं, जबकि 12 नई दुकानों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
पहले लोगों को एक ही दुकान से राशन लेने के लिए भीषण गर्मी, सर्दी और बरसात में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने कहा कि उद्देश्य सिर्फ भीड़ को कम करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और वंचित वर्ग को उनके नजदीक ही सुविधा उपलब्ध कराना है, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर भी प्रदान करना है।
जनपद के शहरी क्षेत्रों में उचित दर विक्रेताओं की मृत्यु, त्याग पत्र या आबादी में वृद्धि के चलते सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने नई उचित दर की दुकानों के आवंटन हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की। इन्वेस्ट उत्तराखंड पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर चयन समिति की संस्तुति के बाद 17 उचित दर विक्रेताओं को दुकानें आवंटित कर दी गई हैं।
अब जिला प्रशासन ने 12 नई दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें नगर निगम देहरादून के डालनवाला क्षेत्र के दून विहार, जाखन, कनाटप्लेस, चुक्खुवाला, मियावाला क्षेत्र के बालावाला, मोहकमपुर, ब्रहमणवाला, रायपुर प्रथम, डांडा लखौंड (खुदानेवाला), नगर पालिका मसूरी के बार्लोगंज, नगर निगम ऋषिकेश के अम्बेडकर चौक, अद्वैतानंद मार्ग, मुखर्जी चौक, इन्द्रा नगर और आशुतोष नगर शामिल हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जिला पूर्ति कार्यालय के साथ समन्वय बनाकर वितरण प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने आशा जताई कि नई दुकानों के खुलने से न सिर्फ लाभार्थियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि वितरण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
