नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव परिणाम फिलहाल रोक दिया गया है। देर रात तक चली मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट तैयार कर चुनाव आयोग को भेज दी है। परिणाम को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा गया है और अब 18 अगस्त को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
डीईओ वंदना सिंह ने दी विस्तृत जानकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) वंदना सिंह ने बताया कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की जांच रिपोर्ट अभी तक एसएसपी की ओर से नहीं आई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मतदान प्रक्रिया को रोका गया था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित शाम 5 बजे तक का मतदान समय पूरा हो गया था।
नियमावली में ऐसे मामलों के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था, इसलिए आयोग को पूरी स्थिति की जानकारी भेजी गई। आयोग ने निर्देश दिया कि डीईओ को नियमों के तहत कार्य करना होगा, जिसमें मतदान के बाद तुरंत मतगणना करना अनिवार्य है।
मतगणना हुई, लेकिन नतीजे सीलबंद
निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद डीईओ ने वीडियोग्राफी के तहत मतगणना कराई। हालांकि, परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। डीईओ ने बताया कि सभी दस्तावेज और परिणाम सीलबंद लिफाफे में डबल लॉक में सुरक्षित रखे गए हैं। प्रत्याशियों को भी इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी दे दी गई है।
हाईकोर्ट के आदेश पर होगी घोषणा
18 अगस्त को उत्तराखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। उसी दिन कोर्ट जो भी आदेश देगा, उसके आधार पर परिणामों की घोषणा की जाएगी। पांच सदस्य जिन्होंने अब तक मतदान नहीं किया है, उनके मतदान का मुद्दा भी कोर्ट में स्पष्ट होगा।
चुनाव के दौरान हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप
14 अगस्त को हुए नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर जिला पंचायत सदस्यों को “गायब” करने का आरोप लगाया। इस मामले को लेकर कांग्रेस नैनीताल हाईकोर्ट पहुंची थी, जहां से चुनाव को स्थगित करने का आदेश मिला। डीईओ के अनुसार, आदेश मतदान के बाद आया, इसलिए मतगणना कराई गई लेकिन परिणाम रोके गए।
बेतालघाट में गोलीबारी, चार आरोपी गिरफ्तार
इसी दौरान, बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव में गोलीबारी की घटना ने माहौल को और गरमा दिया। गोली लगने से एक व्यक्ति के पैर में चोट आई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में अब सारी निगाहें 18 अगस्त की हाईकोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं। जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, नतीजे सीलबंद रहेंगे। राजनीतिक तनाव, आरोप-प्रत्यारोप और हिंसक घटनाओं ने इस चुनाव को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
