देहरादून: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में कुछ दिन पहले एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर Fedex कोरियर से एक कॉल आई। कॉल पर बताया गया कि आपका एक पार्सल मुम्बई से ताईवान के लिये भेजा गया था। पार्सल पर आपका नाम, मोबाइल नम्बर ओर ईमेल आईडी लिखी है। इस पार्सल में 5 एटीएम कार्ड, 1 लैपटॉप, 5 पासपोर्ट, 5000 US डॉलर कैश, 200 ग्राम MDMA नारकोटिक ड्रग और 04 किलो कपड़े हैं।
कॉल करने वाले आदमी ने उसे इस अवैध पार्सल के आधार पर चोरी, ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले गिरफ़्तार करने की धमकी दी। उसके बाद आरोपी ने उसे 30 से 90 दिनों के लिए गैर-ज़मानती गिरफ़्तार होने के बात कही। इस पर आरोपी ने उसे मुम्बई आकर बयान देने या फिर ऑनलाइन माध्यम से बयान दर्ज करने के दो ऑप्शन दिए। महिला ने इस पर ऑनलाइन बयान देने के लिए कहा। इसके लिए उन्होंने Skype App डाउनलोड करवाया, उन्होंने चैट में पुलिस आईडी कार्ड दिया और एप के सर्च में मुम्बई की एक क्राइम ब्रांच साइट पर कनैक्ट करवाकर वीडियो कॉल शुरू की। घंटो तक जांच प्रक्रिया की गई और कहा गया कि ये बयान कोर्ट में पेश करने के लिए रिकॉर्ड होगा। इस दौरा किसी बात न करने और दरवाजा बंद रखने को कहा गया।
आरोपियों ने उसके बैंक खातों की जानकारी और आधारकार्ड नंबर माँगा, खातों में अनियमितता बताकर मामले में RBI को भी शामिल करने की बात कही। उसके बाद पैसा वैरिफिकेशन के नाम पर बताए गए खाते में ट्रांसफर करने को कहा, और बताया कि जांच के बाद सारा पैसा खाते में वापस कर दिया जायेगा। जब उसने पैसे ट्रांसफर करने में असमर्थता जताई तो वे लोग उसको धमकाने लगे। इस दौरान तक उसके खाते से 1 करोड़ 70 लाख रुपये गायब हो चुके थे।
देहरादून साइबर क्राइम पुलिस ने महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने महिला द्वारा बताए गए प्रयुक्त बैंक खातों एवं मोबाइल नम्बरों की जांच की गई। इसके बाद सम्बन्धित बैंकों, सेवा प्रदाता कम्पनियों, मेटा एवं गूगल आदि से पत्राचार कर डाटा प्राप्त किया। जाँच करने पर घटना में सम्मिलित मुख्य अभियुक्त की पहचान की गई, और उसकी लोकेशन पता की गई। जाँच में पता चला कि मामले का मुख्य अभियुक्त हरियाणा राज्य के यमुना नगर क्षेत्र का निवासी मनी कुमार पुत्र सागर कुमार है। पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के यमुनानगर क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया।
