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बिटुमेन की कीमतों में भारी उछाल से थमा सड़क डामरीकरण, ठेकेदारों ने रोका हॉटमिक्स कार्य

थराली-देवाल-लोहाजंग-वाण राज्य राजमार्ग पर 22 किमी डामरीकरण प्रभावित, शासन से दरों में राहत की मांग

थराली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति में आई बाधाओं का असर अब उत्तराखंड की सड़क परियोजनाओं पर भी पड़ने लगा है। बिटुमेन की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि के चलते ठेकेदारों ने थराली-देवाल-लोहाजंग-वाण राज्य राजमार्ग पर चल रहे हॉटमिक्स (डामरीकरण) कार्य को फिलहाल रोक दिया है।

जानकारी के अनुसार, बिटुमेन का उपयोग बजरी, कंक्रीट और पत्थर के साथ मिलाकर सड़कों, राजमार्गों और रनवे निर्माण में किया जाता है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से बिटुमेन की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे निर्माण लागत अचानक बढ़ गई है।

नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 32 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के तहत 22 किलोमीटर मोटरमार्ग पर हॉटमिक्स कार्य प्रस्तावित है, लेकिन अब तक केवल 3.1 किलोमीटर सड़क का ही डामरीकरण हो सका है।

ठेकेदार ने बिटुमेन की कीमतों में करीब 70 प्रतिशत तक वृद्धि का हवाला देते हुए कार्य रोक दिया है। इस संबंध में विभाग को पत्र भेजकर कहा गया है कि जब तक बिटुमेन की दरों में कमी नहीं आती, तब तक कार्य जारी रखना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। शासन स्तर पर भी राहत और दरों के पुनर्निर्धारण की मांग की गई है।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग थराली के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार ने बताया कि कच्चे तेल और बिटुमेन की कीमतों में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है, जिससे ठेकेदारों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों द्वारा कार्य रोकने संबंधी पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है और इस विषय में उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।

बिटुमेन की बढ़ती कीमतों का असर केवल थराली क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों में चल रही सड़क निर्माण एवं डामरीकरण परियोजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। अब सभी की नजर शासन के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी हुई है।

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