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मसूरी में गैस संकट पर भड़के व्यापारी, “रसूखदारों को सिलेंडर” के आरोप, आंदोलन की दी चेतावनी

मसूरी: मसूरी में इन दिनों व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी कमी ने छोटे व्यापारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। चाय की दुकानों, ढाबों, रेस्टोरेंट और होम-स्टे संचालकों को गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

 वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि सिलेंडर वितरण में पारदर्शिता का अभाव है। व्यापारियों का कहना है कि एजेंसी द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा और मनमाने तरीके से सिलेंडर बांटे जा रहे हैं।

 “रसूखदारों” को मिल रही प्राथमिकता

एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को आसानी से बार-बार सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि छोटे और जरूरतमंद व्यापारी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

ढाबा संचालक, हलवाई, चाय विक्रेता और होम-स्टे व्यवसायियों को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। पर्यटन सीजन शुरू होने के बावजूद गैस की अनुपलब्धता के कारण उनका काम ठप पड़ने की कगार पर पहुंच गया है। कई व्यापारियों ने बताया कि उन्हें एक भी व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिला।

घरेलू उपभोक्ताओं की भी बढ़ी परेशानी

यह समस्या केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है। आम घरेलू उपभोक्ता भी समय पर गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। केवाईसी प्रक्रिया में देरी और एजेंसी से संपर्क न हो पाने की वजह से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

कालाबाजारी के गंभीर आरोप

व्यापारियों ने गैस एजेंसी पर कालाबाजारी के आरोप लगाते हुए कहा कि वितरण प्रणाली में भारी अनियमितताएं हैं। उनका यह भी कहना है कि एजेंसी प्रबंधन शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा और फोन कॉल तक का जवाब नहीं दिया जा रहा।

आंदोलन की तैयारी तेज

व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 9 अप्रैल को गैस एजेंसी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मसूरी से देहरादून तक बड़ा विरोध मार्च निकाला जाएगा।

 प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

व्यापारियों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम व्यापारियों और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

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