हरिद्वार: नगर निगम हरिद्वार की बोर्ड बैठक सोमवार को टाउन हॉल में शुरू होते ही हंगामे में बदल गई। बैठक की शुरुआत में मनोनीत 12 पार्षदों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद बोर्ड की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की पिछली बैठकों में कई प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन लंबे समय बाद भी उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों का कहना था कि सदन में समस्याएं उठाने और प्रस्ताव पारित करने के बावजूद यदि उनका क्रियान्वयन नहीं होता है तो बोर्ड की कार्यवाही का उद्देश्य प्रभावित होता है।

सदन में जलाई पुराने प्रस्तावों की प्रतियां
विरोध के दौरान कांग्रेस पार्षद पुराने प्रस्तावों की प्रतियां हाथों में लेकर सदन में पहुंचे। नाराज पार्षदों ने इन प्रतियों को सदन के अंदर ही जला दिया, जिससे बैठक का माहौल गरमा गया। मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों और नगर निगम अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि पारित प्रस्तावों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि केवल प्रस्ताव पारित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
शपथ के बाद मदन कौशिक हुए रवाना
बैठक से पहले मंत्री मदन कौशिक ने मनोनीत 12 पार्षदों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मेयर किरन जैसल और मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद मदन कौशिक वहां से रवाना हो गए। इसके बाद बोर्ड बैठक की कार्यवाही शुरू हुई और कांग्रेस पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध शुरू कर दिया।
हंगामे के बावजूद नगर निगम बोर्ड की बैठक की कार्यवाही जारी रही। अधिकारी और जनप्रतिनिधि एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर चर्चा आगे बढ़ाने में जुटे रहे। वहीं भाजपा पार्षदों ने भी बंदर, आवारा पशुओं और सैनिटेशन समेत शहर से जुड़े कई मुद्दे अधिकारियों के सामने उठाए।
