पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की हिमनगरी मुनस्यारी अब साहसिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रही है। हालिया बर्फबारी के बाद यहां स्नो स्कीइंग गतिविधियों की शुरुआत से शीतकालीन पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है।
स्कीइंग के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां
ऊंची पर्वत चोटियां और ढलानदार पहाड़ियां मुनस्यारी को स्कीइंग के लिए बेहद उपयुक्त बनाती हैं। इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक और साहसिक खेल प्रेमी मुनस्यारी पहुंचकर स्नो स्कीइंग का आनंद ले रहे हैं।
स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार
स्कीइंग गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है। इससे होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है।
बेटुली धार और डांडाधार बने आकर्षण
अधिक बर्फबारी होने पर बेटुली धार और डांडाधार में स्नो स्कीइंग कराई जाती है। बेटुली धार मुनस्यारी बाजार से लगभग सात किलोमीटर दूर थल-मुनस्यारी मार्ग पर स्थित है। यहां दो से तीन फीट बर्फ जमा होने पर स्कीइंग संभव हो जाती है।
खलिया टॉप में बेहतर स्कीइंग की संभावनाएं
शीतकाल में खलिया टॉप में दो से पांच फीट तक हिमपात होता है, जिससे यह स्थल स्कीइंग के लिए उपयुक्त बन जाता है। पूर्व में कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा यहां स्थानीय युवाओं को स्कीइंग का प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। इस वर्ष जोहार क्लब की ओर से प्रशिक्षण दिया गया।
मौसम परिवर्तन बना चुनौती
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले नवंबर-दिसंबर से ही भारी हिमपात शुरू हो जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में मौसम में बदलाव के कारण हिमपात कम या देर से हो रहा है। इससे हर साल स्कीइंग का अवसर नहीं मिल पाता।
ट्रेकिंग टूर ऑपरेटर व स्कीइंग प्रशिक्षक नरेंद्र कुमार का कहना है कि मुनस्यारी अब एक प्रमुख पर्वतीय पर्यटन स्थल बन चुका है। यदि शासन-प्रशासन ठोस प्रयास करे तो खलिया टॉप को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
