देहरादून: रंगों के पर्व होली से पहले राजधानी में कांग्रेस ने सियासी रंगत घोल दी। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह में पार्टी की शीर्ष लीडरशिप एक साथ पारंपरिक उत्तराखंडी ‘दोका पोशाक’ में नजर आई। एक जैसी वेशभूषा में मंच पर मौजूद नेताओं ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक एकजुटता और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश दिया।
पारंपरिक वेशभूषा के जरिए सांस्कृतिक संदेश
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत एक ही पारंपरिक परिधान में दिखे।
यह पोशाक मुख्य रूप से पर्वतीय और जनजातीय क्षेत्रों में प्रचलित है। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी पहचान है और पार्टी उसी विविधता को सम्मान देने का संदेश देना चाहती है।

एकजुटता ही जीत की कुंजी
नेताओं ने मंच से स्पष्ट किया कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। होली मिलन के बहाने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और आंतरिक मतभेदों को खत्म करने की कोशिश दिखाई दी।
वक्ताओं ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है—और प्रदेश की राजनीति में भी इसी भावना की जरूरत है।
कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द से है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजनों के बीच नेताओं ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी था। कांग्रेस नेतृत्व यह दिखाने की कोशिश में है कि शीर्ष स्तर पर सभी नेता एक मंच पर हैं और चुनावी तैयारी को लेकर कोई मतभेद नहीं है।

“यह पोशाक चमोली जिले में रहने वाले जनजाति के लोगों ने अपने हाथों से बनाई है. चमोली जिले के जनजाति से जुड़े लोगों ने ये पोशाक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के लिए स्पेशली होली खेलने के लिए भेजी है. लिहाजा, उन जनजाति से जुड़े लोगों के सम्मान और उनकी कार्य कुशलता के सम्मान में यह पोशाक उन सभी नेताओं ने पहनी है.“- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
