पिथौरागढ़: कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत एक बार फिर अपनी संवेदनशील कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। दो दिवसीय दौरे पर बागेश्वर पहुंचे आयुक्त ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के साथ जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इसी दौरान 80 वर्षीय एक बुजुर्ग अपनी पत्नी के इलाज से जुड़ी शिकायत लेकर उनके पास पहुंचे।
बुजुर्ग ने आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पताल में इलाज से इंकार किए जाने की बात धाराप्रवाह अंग्रेज़ी में रखी। उनकी स्पष्ट और प्रभावशाली अंग्रेज़ी सुनकर आयुक्त दीपक रावत भी प्रभावित हुए और उन्होंने खुले मंच से बुजुर्ग की सराहना की। बातचीत के दौरान बुजुर्ग ने बताया कि वह मुंबई गोदरेज ग्रुप ऑफ कंपनी में प्रोफेशनल इंजीनियर के पद पर कार्य कर चुके हैं।
बुजुर्ग ने यह भी कहा कि उन्होंने डीएम कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल में पत्नी का इलाज कराना पड़ा, जिसकी धनराशि अब तक वापस नहीं मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर निस्तारण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ओपीडी व्यवस्था, पंजीकरण प्रक्रिया, वार्डों की स्थिति, दवाइयों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की। जन औषधि केंद्र में जीवनरक्षक दवाओं के स्टॉक और मूल्य सूची की भी जांच की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को आवश्यक दवाइयों की कमी न हो और सभी सेवाएं पारदर्शी ढंग से संचालित हों।
आयुक्त और बुजुर्ग के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
