देहरादून शहर में सड़कों की बार-बार खोदाई अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। टेलीकाम कंपनियों द्वारा केबल डालने, सीवर लाइन, अंडरग्राउंड विद्युत लाइन और गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य समय-समय पर किया जाता है। विभागों के बीच समुचित समन्वय न होने के कारण एक ही सड़क को कई बार खोदा जा रहा है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
अक्सर देखा जा रहा है कि नई सड़क कुछ ही समय बाद दोबारा तोड़ दी जाती है। जगह-जगह गड्ढे बनने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। बारिश के दिनों में ये गड्ढे और अधिक खतरनाक हो जाते हैं। वहीं, खोदाई के बाद समय पर सड़क की मरम्मत न होने से धूल उड़ती रहती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई प्रमुख मार्गों पर संकरी सड़क होने के कारण जाम की स्थिति बन रही है।
कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चे और आम नागरिक रोजाना समय से पहले घर से निकलने को मजबूर हैं। देहरादून में पिछले तीन-चार सालों में स्मार्ट सिटी कार्यों के नाम पर सड़कों को कई बार खोदा जा चुका है। इसमें कई बार कार्यदाई संस्थाओं की लापरवाही पर जिलाधिकारी की ओर से सख्त निर्देश भी दिए गए, लेकिन जिलाधिकारी के निर्देश का निर्माण कंपनियों पर कोई असर नहीं है।
