टनकपुर की जनता लंबे समय से कूड़ा डंपिंग जोन को हटाने की मांग कर रही है.
खटीमा: टनकपुर नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा सच्चाई छिपाने की कोशिश एक बार फिर चर्चा में है। पवित्र शारदा नदी किनारे स्थित नगर के कूड़ा डंपिंग ज़ोन को मुख्य सचिव आनंद बर्धन के दौरे से पहले हरी चादर से ढककर ‘साफ़-सुथरा’ दिखाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों की इस हरकत ने जनता ही नहीं, बल्कि शासन स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, मुख्य सचिव उत्तराखंड आनंद बर्धन दो दिवसीय चंपावत दौरे पर हैं। जैसे ही टनकपुर शारदा किनारे उनके निरीक्षण की सूचना नगर पालिका को मिली, अधिकारियों ने तत्काल कूड़ा डंपिंग स्थल को हरी नेट से ढक दिया, ताकि गुजरते समय मुख्य सचिव के काफिले को वास्तविक स्थिति नजर न आए। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय लोग लंबे समय से इस डंपिंग जोन को हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या को लगातार अनदेखा किया गया। कूड़े से उठती दुर्गंध, प्रदूषण और नदी के किनारे बढ़ता कचरा क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण है।

आज जब मुख्य सचिव टनकपुर पहुंचे तो नगर पालिका के कर्मियों ने उन्हें वास्तविक स्थिति दिखाने की जगह केवल ‘सजाया हुआ’ हिस्सा ही प्रस्तुत किया। इस पर जब मीडिया ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से सवाल किया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि चंपावत में अपने निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने शारदा रिवर फ्रंट एवं उससे जुड़े विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और मजबूत बनाने, पूर्णागिरि रोपवे को शारदा कॉरिडोर के साथ समन्वयित कर तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। रोपवे निर्माण कंपनी को सप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने को भी कहा गया है।
इसके अलावा उन्होंने टनकपुर–बागेश्वर रेलवे लाइन के लिए चंपावत, लोहाघाट और अल्मोड़ा को जोड़ने वाली विस्तृत एलाइमेंट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर कम लागत वाले लेकिन प्रभावी सुरक्षा मॉडल अपनाने की सलाह दी। साथ ही 5 करोड़ से कम लागत वाले कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा के माध्यम से त्वरित स्वीकृति दिलाकर तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।
टनकपुर में कूड़ा डंपिंग की यह समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। जनता अब उम्मीद कर रही है कि मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद इस बार समस्या का स्थायी समाधान जरूर निकलेगा।
