देहरादून| तपोवन जल विद्युत परियोजना (Tapovan Hydro Power Project) की बैराज साइट पर लापता लोगों के परिजनों ने चमोली(Chamoli) के अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल का घेराव किया. परिजनों ने कहा कि सैलाब के दौरान कई लोग बैराज साइट में काम कर रहे थे. यहां मलबे में 70 से अधिक लोगों के शव (Dead Bodies) दबे हुए हैं। एडीएम(ADM) ने परिजनों को मलबा हटाने का भरोसा दिलाया.
अपने लापता भाई की तलाश में पहुंचे संजय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) कई बार राज्य सरकार को हर संभव मदद देने का भरोसा दिला रहे हैं, इसके बाद भी मलबा (Flood) हटाने के लिए मशीनों की संख्या क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है. प्रशासन अब किस चीज का इंतजार कर रहा है. पीड़ित विपिन और आरके सैनी ने कहा कि आपदा के दौरान बैराज साइट में काफी मजदूर काम कर रहे थे. यहां मलबे में 70 से अधिक शव दबे होने की आशंका है. प्रशासन को मलबा हटाने के लिए आधुनिक मशीनों को लगाना चाहिए.
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परिजनों ने कहा कि बैराज साइट (Bairage Site) से भी एक गेट सुरंग में जाता है तो एनटीपीसी (NTPC) के अधिकारी प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गेट को क्यों नहीं खुलवा रहे हैं. उन्होंने मलबा हटाने के कार्य में तेजी लाने की मांग उठाई. एडीएम अनिल कुमार चन्याल ने कहा कि सभी एजेंसियों से मदद ली जा रही है। बैराज के मलबे को हटाने का काम शीघ्र शुरु किया जा रहा है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने बाढ़ के कारण कट गए सुक्की, लता और भालगाैन गांवों में राशन और आवश्यक वस्तुओं का वितरण जारी रखा है.
वहीं पुलिस उपमहानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि प्राकृतिक आपदा में लापता कुल 204 लोगों में से 38 (चमोली- 30, रूद्रप्रयाग- 06, पौड़ी गढ़वाल- 01, टिहरी गढ़वाल- 01) के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किये जा चुके हैं, जिनमें से 13 लोगों की शिनाख्त हो गई है और 25 लोगों की शिनाख्त नहीं हो पायी है. लापता समस्त लोगों के सम्बन्ध में अब तक कोतवाली जोशीमठ में 14 एफआईआर पंजीकृत की जा चुकी है. इसके साथ ही जनपद चमोली के विभिन्न स्थानों से ही 19 मानव अंग भी बरामद किये गये हैं. बरामद सभी शवों एवं मानव अंगों का डीएनए सैम्पलिंग और संरक्षण के सभी मानदंडों का पालन कर सीएचसी जोशीमठ, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर एवं सीएचसी कर्णप्रयाग में शिनाख्त हेतु रखा गया था. शवों को नियमानुसार डिस्पोजल हेतु गठित कमेटी द्वारा अभी तक 24 शवों एवं 11 मानव अंगों का पूरे धार्मिक रीति रिवाजों एवं सम्मान के साथ दाह संस्कार करा दिया गया है.
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